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JPSC-JSSC : छात्रों के समर्थन में पहुंचे अभिनेता पीयूष मिश्रा, बोले- आंसू देखकर यहां खिंचा चला आया

Ranchi : झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शी भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में मशहूर अभिनेता पीयूष मिश्रा प्रदर्शन स्थल पहुंचे. उन्होंने छात्रों से मुलाकात की और मीडिया से बातचीत के दौरान आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया.
 
  • छात्रों संग आरंभ है प्रचंड है गाना भी गाया

Ranchi : झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शी भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में मशहूर अभिनेता पीयूष मिश्रा प्रदर्शन स्थल पहुंचे. उन्होंने छात्रों से मुलाकात की और मीडिया से बातचीत के दौरान आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया.


पीयूष मिश्रा ने कहा कि उन्हें यहां किसी के बुलावे या दबाव में आने की जरूरत महसूस नहीं हुई. छात्रों की तकलीफ और उनकी आंखों के आंसू देखकर वह खुद यहां खिंचे चले आए. उन्होंने कहा कि वह नौजवानों के लिए गाते और अभिनय करते हैं, इसलिए इन छात्रों के साथ खड़ा होना उन्हें अपना फर्ज लगा.

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छात्रों से बात करते पियूष मिश्रा


उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों की मुश्किल परिस्थितियों का भी जिक्र किया. पीयूष मिश्रा ने कहा कि छात्र बारिश और कठिन परिस्थितियों के बावजूद आंदोलन में डटे हुए हैं. उन्होंने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से अपनी क्षमता के अनुसार छात्रों के लिए आर्थिक मदद और खाने-पीने की व्यवस्था में सहयोग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह कोई बड़े उद्योगपति नहीं हैं, लेकिन जितना संभव है, उतना सहयोग करने की कोशिश कर रहे हैं.


छात्रों के साथ सुर में सुर मिलाकर गाया ‘आरंभ है प्रचंड’

छात्रों के बीच पहुंचने के बाद पीयूष मिश्रा ने अपनी चर्चित कविता-गीत ‘आरंभ है प्रचंड’ गाकर आंदोलनरत छात्रों का उत्साह बढ़ाया. इस दौरान छात्रों ने भी उनके साथ सुर में सुर मिलाया. जैसे-जैसे गीत आगे बढ़ा, प्रदर्शन स्थल पर छात्रों का जोश और उत्साह और बढ़ गया.


पीयूष मिश्रा के गीत पर छात्रों ने जमकर उत्साह दिखाया. पूरे प्रदर्शन स्थल पर नारे और तालियों के बीच माहौल जोशीला हो गया. इसके बाद उन्होंने छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि तुम लोग बहुत बढ़िया कर रहे हो यार.


उन्होंने कहा कि जीवन में हर व्यक्ति को एक दिन जाना है, लेकिन उससे पहले यदि कुछ अच्छा करके जाया जाए तो यही जिंदगी की सार्थकता है. उन्होंने छात्रों के संघर्ष को इसी भावना से जोड़ते हुए उनके साथ खड़े होने की बात कही.


मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि किसी आंदोलन में शामिल होना या किसी के समर्थन में खड़ा होना दिल की आवाज होती है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर या शिवाजी पार्क पहुंचना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है, लेकिन झारखंड समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र यहां अपने अधिकारों की मांग को लेकर जुटे हैं, यह बड़ी बात है.

 

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