Ranchi : JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर ACS एवं आदिवासी छात्र प्रतिनिधिमंडल ने मोरहाबादी स्थित राजकीय अतिथिशाला में मंत्रियों के साथ वार्ता की. संघ का नेतृत्व डॉ सुशील कुमार मिंज ने किया. साथ में डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के समिति के सदस्य भी मौजूद थे. बैठक में छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और उनकी मांगों पर चर्चा की गई.
मंत्रियों ने छात्रों की बातों को गंभीरता से सुना और उनकी मांगों और सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. बैठक में छात्र हितों से जुड़े विषयों के समाधान और आगे की कार्रवाई को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई. इस बैठक में दीपिका पांडेय सिंह, सुदिव्य सोनू, चमरा लिंडा समेत कई मंत्री छात्र मौजूद रहे.
प्रमुख मांगें
• JPSC एवं JSSC मामलों में उच्च स्तरीय न्यायिक जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा मिले.
• 1932 के खतियान को आधार मानकर झारखंड की नियोजन नीति एवं स्थानीय नीति बनाई जाए.
• राज्य में बैकलॉग की भर्ती अविलंब की जाए.
• JPSC के सिलेबस में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा के अंकों को अधिक और अनिवार्य किया जाए.
• रांची विश्वविद्यालय में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा की पढ़ाई पूर्व की भांति यथावत रहे और क्लस्टर प्रणाली अविलंब रद्द की जाए.
सरकार के प्रतिनिधि मंडल से कहा गया कि भाजपा राज्य को बदनाम कर रही है. झारखंड राज्य 5वीं अनुसूची से संबंधित राज्य है. अभी तक आदिवासियों को पर्याप्त नौकरी नहीं मिली है. बाहर के लोग राज्य के पदों को लूटने के लिए षड्यंत्र चलाते हैं और बहाली में गैर-आदिवासियों का नाम निकलकर सामने आता है.
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद
सुरेश टोप्पो, अमित मुंडा, अमृत मुंडा, अखिलेश पहान, सुजीत भगत, बादल भोगता, प्रभात उरांव, सुभाष मुंडा, शनि कुमार, महावीर उरांव, जतिर उरांव, शिवराम कच्छप, अशोक उरांव एवं अन्य शामल रहे.
इसके बाद दीक्षांत मंडप में एक बैठक आयोजित हुई, जिसमें विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तैयारी की समीक्षा की गई और धूमधाम से आदिवासी दिवस मनाने का निर्णय लिया गया.
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