Ranchi : राज्य सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार ने रविवार की शाम प्रेस कांफ्रेंस कर छात्रों व उनके अभिभावकों से अपील किया कि वह आंदोलन के बदले समाधान का रास्ता छोड़ें. सरकार ने उनकी सारी बातें मान ली हैं. जहां तक जेपीएससी सीजीएल परीक्षा का सवाल है, वह न्यायालय के आदेश से ही रद्द किया जा सकता है. अगर न्यायालय का कोई आदेश आता है, तो उस पर सरकार कार्रवाई करेगी. सुदिव्य कुमार के साथ मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और संजय यादव भी सूचना भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद थे.
सुदिव्य कुमार ने कहा कि बहुत अफसोस के साथ कहना चाहता हूं, अपील करना चाहता हूं कि जो मामले न्यायिक प्रक्रिया में है, उसके संबंध में रद्द करने को लेकर कोर्ट का फैसला आयेगा, तो उसे सरकार मानेगी. सरकार की तरफ से सुदिव्य कुमार ने छात्रों से अपील किया कि जब सरकार आपकी सारी बातों को मानने को तैयार हैं, तो आप आंदोलन का रास्ता छोड़े.
उन्होंने कहा कि, जब सरकार आपकी बात सुन रही है, सरकार आपसे लगातार बात कर रही है, तो छात्रों को आंदोलन के बदले समाधान की तरफ बढ़ना चाहते हैं. जिन लोगों ने गलतियां की है, हेमंत सरकार को उन सभी के खिलाफ कार्रवाई करेगी.
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सुरक्षा के इंतजाम
विधानसभा घेराव को लेकर सुरक्षा के इंतजामों के बारे में पूछे जाने पर सीआईडी के एडीजीसी रांची जोन के आईजी मनोज कौशिक ने कहा कि छात्र गतिरोध को दूर करें. आंदोलन स्थगित करें. उन्होंने छात्रों के साथ किसी तरह की कार्रवाई न होने के लिए आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से करने की अपील की. अब तक हुई जांच के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार से आदेश मिलने के तुरंत बाद जांच शुरु कर दी गई.
अनुसंधान के दौरान कार्रवाईयां की गई हैं. आगे का अनुसंधान भी जारी है. सीआईडी ने एक ई-मेल एड्रेस और फोन नंबर जारी किया है, जिन्हें भी किसी तरह की जानकारी है, वह सूचना दें, सीआईडी हर सूचना की जांच करेगी. बिना यह देखे कि वह सही है या गलत. जांच होगी. जेपीएससी के सभी सदस्यों को नोटिस दिया गया है. उन सभी से पूछताछ होगी.
सीजेएल परीक्षा की जांच
जेएससीए सीजीएल परीक्षा की जांच के बारे में पूछे जाने पर मनोज कौशिक ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच की गई थी. यह मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक गया. लेकिन अभी भी छात्रों को किसी बिंदु पर जांच की जरूरत होती है, तो वह आकर बतायें, हम जांच करेंगे. छह महीने के भीतर जांच पूरी करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य जांच बंद करना नहीं है, अनुसंधान पूरा करना है..
परीक्षाओं में सुधार पर
आगामी परीक्षाओं में गड़बड़ी ना हो इस सवाल पर जेएससीए के प्रभारी अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने कहा कि हम लोगों ने दो चरणों में परीक्षा लेने की व्यवस्था की है. प्री-लीम्स के लिए अलग से व्यवस्था लेकर आ रहे हैं. प्रीलिम्स में सिंगल पेपर है. एक दिन के बदले हम तीन भागों में परीक्षा में लेंगे. तीन प्रश्न पत्र होंगे. परीक्षा के महज कुछ घंटे पहले ही यह तय होगा कि कौन सा प्रश्न पत्र छात्रों को दिया जायेगा. मेंस में नियम यह है कि 15 गुणा छात्रों को पीटी के जरिये सलेक्ट किया जाता है. अब से सीबीटी मोड में किया जायेगा. वैसे कंप्यूटर सेंटर पर लिया जायेगा, जो भरोसेमंद हो. हमारी जो नई नियमावली बनी है, उसमें कोई भी घंटा या दो घंटा में कुछ नहीं कर पायेगा.
प्रशांत कुमार ने बताया कि हमने स्टूडेंट फेसिलेशन सेंटर बनाने की भी घोषणा की है. हमने जो अंतिम परीक्षा लिया है, उसमें छात्रों को अब कोई ग्रीवांस ही नहीं रहा है. हमारी कोशिश परीक्षा को साफ-सुथरा रखने की है, ताकि किसी भी स्थिति में कोई गड़बड़ी ना हो.
उल्लेखनीय है कि इससे पहले शाम में झारखंड सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच हुई वार्ता के बाद यह सहमति बनी है कि 14वीं जेपीएससी और बैगलॉग 2023 व 2025 परीक्षा रद्द होगी. इसके अलावा इस बात पर भी सहमति बनी है कि टीडीपीएल कंपनी ने जितनी भी परीक्षाएं ली है, उन सभी की जांच सीआईडी करेगी. जरूरत पड़ेगी तो सरकार वित्तीय गड़बड़ी के मामलों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (इडी) से करायेगी. जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को लेकर कोई सहमति नहीं बनी है. हालांकि सरकार बहुत सारे मामलों की जांच के लिए सेवानिवृत न्यायधीश के नेतृत्व में कराने पर सहमत है.
इस पूरे मामले की जानकारी राज्य के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और छात्रों ने संयुक्त रुप से बात करते हुए मीडिया को दी. मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि तीन दिनों की वार्ता के बाद यह सहमति बनी है कि आपराधिक मामलों की जांच सीआईडी करेगी. आर्थिक मामलों की जांच ईडी से कराने का अनुरोध किया जाएगा. सरकार इस बात पर सहमत है कि मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में किया जायेगा.
मंत्री ने बताया कि सरकार ने फैसला लिया है कि जेपीएससी 14वीं, बैगलॉग 2023 व 2025 परीक्षा रद्द किया जायेगा. रिफॉर्म के सिलसिले में फैसला लिया गया है कि आइआइएम रांची व एक्सएलआर की टीम से मिलकर रिफॉर्म किया जायेगा. जेएसएसी सीजीएल परीक्षा न्यायालय के आदेश पर हुआ है. जो आरोप लगे हैं, उसकी जांच की जा रही है. जिन परीक्षाओं में युवकों की नियुक्ति हो चुकी है, उसकी नियुक्ति रद्द नहीं की जा सकती है.
मंत्री ने बताया कि सरकार चाहती है कि आंदोलन खत्म करें. छात्रों के प्रतिनिधि छात्रों के बीच जायेंगे, वहां वह आंदोलन को खत्म करने को लेकर फैसला लेंगे. हालांकि इसी दौरान छात्र प्रतिनिधि में शामिल एक ने स्पष्ट कर दिया कि वह सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं. आंदोलन खत्म नहीं होगा.
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