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JSLPS की पहल: NAARI मिशन, पलाश और FPO से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई उड़ान

Ranchi : झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (द्वारा ग्रामीण औद्योगिकीकरण और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कई नवाचारी पहलें शुरू की गई हैं. इनमें सबसे प्रमुख है NAARI मिशन, जिसके तहत 100 उच्च क्षमता वाले क्लस्टर लेवल फेडरेशन को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की योजना है. प्रत्येक चयनित CLF पर लगभग एक करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिसमें प्रारंभिक निवेश औद्योगिक संस्थान करेंगे और प्रदर्शन के आधार पर प्रतिपूर्ति की जाएगी.

 

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत राज्य में 998 CLF का मजबूत नेटवर्क तैयार हुआ है, जो 3.17 लाख स्वयं सहायता समूहों और 34.61 लाख ग्रामीण परिवारों को जोड़ता है. CLF अब केवल वित्तीय सहायता संस्था नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन के इंजन के रूप में उभर रहे हैं.

 

ग्रामीण उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए पलाश मार्ट और ADIVA – लिविंग विद ट्रेडिशन जैसे ब्रांड स्थापित किए गए हैं. पालाश ब्रांड के माध्यम से खाद्य और गैर-खाद्य उत्पादों का विपणन किया जा रहा है, जबकि ADIVA पारंपरिक आदिवासी हस्तशिल्प को राष्ट्रीय पहचान दिला रहा है. राज्य में 100 से अधिक पालाश दीदी कैफे संचालित हो रहे हैं और 500 लाख रुपये की परियोजना के तहत इसे ब्रांडेड फूड रिटेल चेन के रूप में विकसित किया जा रहा है.

 

JSLPS के तहत 114 महिला-नेतृत्व वाले किसान उत्पादक संगठन (FPO) कार्यरत हैं, जिनसे 2.57 लाख से अधिक महिला किसान जुड़ी हैं. इन FPO के माध्यम से अब तक 162 करोड़ रुपये का टर्नओवर दर्ज किया गया है. FPO इनक्यूबेशन और मार्केट लिंकेज सपोर्ट सिस्टम के जरिए उत्पादन से बाजार तक मजबूत श्रृंखला विकसित की जा रही है.


राष्ट्रीय संसाधन संगठन (NRO) के रूप में JSLPS को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है. राज्य की 300 से अधिक महिलाएं ई-मास्टर ट्रेनर के रूप में विभिन्न राज्यों में प्रशिक्षण दे रही हैं. ये पहलें झारखंड को ग्रामीण उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही हैं.

 

 


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