Ranchi News : जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितता की जांच कर रही CID की SIT ने परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी ICN के गिरफ्तार दो कर्मियों से लगातार दूसरे दिन भी पूछताछ की.
जांच टीम ने सोमांश प्रकाश और राहुल से एजेंसी के कामकाज, बिहार स्थित ठिकानों और एजेंसी संचालक मिथिलेश सिंह से जुड़े संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई. पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को बुधवार को दोबारा न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
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35 सफल अभ्यर्थियों से की गई पूछताछ
CID की SIT अब तक करीब 500 सफल अभ्यर्थियों के बयान दर्ज कर चुकी है. मंगलवार को भी 35 सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की गई. जांच टीम अभ्यर्थियों से आवेदन करने से लेकर परीक्षा में शामिल होने और परिणाम जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली.
अभ्यर्थियों से यह भी पूछा गया कि उन्होंने परीक्षा कहां और किस माध्यम से दी थी, वे किन लोगों के संपर्क में थे और उन्हें कथित पेपर लीक या परीक्षा में गड़बड़ी से संबंधित कोई जानकारी थी या नहीं. जिन अभ्यर्थियों की भूमिका जांच के दौरान संदिग्ध पाई जा रही है, उनसे उनके दस्तावेजों और अन्य संबंधित बिंदुओं पर भी जानकारी ली जा रही है.
दिल्ली से गिरफ्तार हुए थे दोनों कर्मी
CID ने मामले की जांच के दौरान परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी ICN के कर्मी सोमांश प्रकाश और राहुल को दिल्ली से गिरफ्तार किया था. सोमांश प्रकाश बिहार के रोहतास जिले के बिक्रमगंज का रहने वाला है, जबकि राहुल बिहार के वैशाली जिले का निवासी है.
JSSC ने CGL परीक्षा के संचालन की जिम्मेदारी मेसर्स वेबेल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को दी थी. इसके बाद परीक्षा संचालन का काम मिथिलेश सिंह के नेतृत्व वाली ICN एजेंसी को सौंपे जाने की बात सामने आई है. CID इसी कड़ी में परीक्षा संचालन की पूरी प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है.
जांच एजेंसी अब ICN के संचालक मिथिलेश सिंह और गिरफ्तार कर्मियों से मिली जानकारी के आधार पर मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के बिंदुओं को खंगाल रही है.

