Ranchi News : करीब एक दशक बाद झारखंड में आयोजित हो रही शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट)-2026 को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं. एक नवंबर को होने वाली परीक्षा में राज्यभर के 5,65,916 अभ्यर्थी शामिल होंगे. इसके लिए सभी 24 जिलों में 986 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी. परीक्षार्थियों की संख्या के मामले में रांची सबसे आगे है, जबकि केंद्रों की संख्या में धनबाद पहले स्थान पर है.
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जैक के आंकड़ों के अनुसार, रांची में सबसे अधिक 65,754 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे. इनके लिए 101 केंद्र बनाए गए हैं. दूसरे स्थान पर जमशेदपुर है, जहां 57,133 परीक्षार्थियों के लिए 93 केंद्र निर्धारित किए गए हैं. वहीं, धनबाद में 48,859 अभ्यर्थियों के लिए राज्य में सबसे अधिक 108 केंद्र बनाए गए हैं.
बोकारो में 46,181, गिरिडीह में 32,041, पलामू में 30,434, देवघर में 29,880 और हजारीबाग में 27,864 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे. इन आठ जिलों में कुल 3,37,346 परीक्षार्थी हैं. यानी राज्य के करीब 60 प्रतिशत अभ्यर्थी इन्हीं जिलों में परीक्षा देंगे.
परीक्षा में पहली पाली के लिए 3,69,705 और दूसरी पाली के लिए 1,96,211 अभ्यर्थियों की व्यवस्था की गई है. इस तरह पहली पाली में दूसरी पाली की तुलना में करीब 1.73 लाख अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे.
13 बिंदुओं पर होगी तैयारियों की जांच
परीक्षा के सफल और कदाचारमुक्त संचालन को लेकर जिला प्रशासन को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है. सभी जिलों के उपायुक्तों को 31 अक्टूबर की शाम पांच बजे तक जैक को अंतिम तैयारी रिपोर्ट भेजनी है. इसके लिए 13 बिंदुओं की चेकलिस्ट तैयार की गई है. उपायुक्तों को प्रत्येक बिंदु पर हां या नहीं में जवाब देना होगा.
चेकलिस्ट में शामिल प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं—
प्रश्नपत्रों को ट्रेजरी या स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखना.
प्रश्नपत्रों के पैकेट और सील की जांच करना.
सभी केंद्रों पर प्रश्नपत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करना.
परीक्षा केंद्रों पर पुलिस सुरक्षा और सीसीटीवी की व्यवस्था करना.
सभी परीक्षा केंद्रों का भौतिक सत्यापन करना.
केंद्र अधीक्षकों और वीक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करना.
मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती करना.
ओएमआर शीट, रोल शीट और उपस्थिति पत्रक की उपलब्धता सुनिश्चित करना.
सभी केंद्रों पर सीटिंग प्लान तैयार करना.
जिला नियंत्रण कक्ष और साइबर सेल को सक्रिय रखना.
कानून-व्यवस्था और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था करना.
अग्निशमन दल और सदर अस्पताल को आपात स्थिति के लिए अलर्ट रखना.
जिला शिक्षा पदाधिकारी, एसएनओ (एडमिन) और उपायुक्त द्वारा तैयारियों के पूरा होने की पुष्टि करना.
जिला प्रशासन को परीक्षा के दिन सभी व्यवस्थाओं पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है. सभी जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर जैक परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करेगा.
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