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जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ मीडिया पर बरसे, कहा, न्यायाधीशों को निशाना बनाने की कोई सीमा होती है

 
NewDelhi :  सुप्रीम कोर्ट में आज गुरुवार को एक मामले की सुनवाई के क्रम में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने मीडिया पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जजों को टारगेट करने की भी एक सीमा होती है.  जस्टिस चंद्रचूड़ ने देशभर में ईसाई संस्थानों और पादरियों पर बढ़ते हमलों का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवाई में देर किये जाने की मीडिया में आयी खबरों पर नाखुशी जतायी. कहा कि न्यायाधीशों को निशाना बनाने की एक सीमा होती है. इसे भी पढ़ें : शिक्षक">https://lagatar.in/ssc-recruitment-scam-cm-mamta-banerjee-took-action-on-partha-chatterjee-removed-from-the-post-of-minister/">शिक्षक

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ईसाई संस्थानों पर हमले और हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं

इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में 15 जुलाई को सुनवाई होने वाली थी, लेकिन बेंच उपलब्ध न होने के चलते ऐसा नहीं हो सका. याचिका बेंगलुरु के बिशप डॉ. पीटर मैकाडो की ओर से दायर की गयी थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि देश भर में ईसाई पादरियों और उनके संस्थानों पर हमले और उनके खिलाफ हिंसा की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं. इसे भी पढ़ें : चुनाव">https://lagatar.in/election-commission-gave-facility-to-register-name-in-voter-list-thrice-a-year/">चुनाव

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आपने अखबारों में छपवाया कि सुप्रीम कोर्ट सुनवाई में देरी कर रहा है

न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने साफ कहा कि हम पर दबाव बनाना बंद करें.  इस क्रम में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ कहा कि पिछली बार मामले पर सुनवाई नहीं की जा सकी थी क्योंकि वे कोविड-19 से संक्रमित थे. कहा कि आपने अखबारों में छपवाया कि सुप्रीम कोर्ट  सुनवाई में देरी कर रहा है. देखिए, न्यायाधीशों को निशाना बनाने की एक सीमा होती है. ऐसी खबरें कौन देता है? जजों की ओर से मामलों की सुनवाई न किये जाने से जुड़ी एक मीडिया रिपोर्ट को लेकर उन्होंने यह टिप्पणी की. वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोन्साल्वेज ने जून में अवकाशकालीन पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया था और कहा था कि देशभर में ईसाई संस्थानों और पादरियों के खिलाफ हर महीने औसतन 45 से 50 हिंसक हमले होते हैं. उनकी ओर से दायर अर्जी में अदालत से मांग की गयी थी कि वह ईसाइयों के खिलाफ चल रही हिंसा को रोकने के लिए प्रशासन और राज्य सरकारों को आदेश जारी करें. इसे भी पढ़ें :  सोनिया">https://lagatar.in/sonia-gandhi-told-smriti-irani-dont-talk-to-me-and-there-was-a-strong-debate-between-the-two-in-parliament/">सोनिया

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चीफ जस्टिस एनवी रमना भी कर चुके हैं मीडिया पर टिप्पणी

जान लें कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमना ने भी मीडिया पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि आजकल एजेंडे के साथ डिबेट कराई जा रही हैं. खासतौर पर टीवी मीडिया और सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा था कि यहां गलत जानकारी या आधा सच भी परोसा जाता है. यह लोकतंत्र को दो कदम पीछे ले जाने वाला है. [wpse_comments_template]
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