Ranchi: विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर शुक्रवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कांके डैम क्षेत्र का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने डैम के संरक्षण, स्वच्छता और अतिक्रमण हटाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिेए. नगर आयुक्त ने निगम की विभिन्न शाखाओं और अंचल प्रशासन की संयुक्त टीम के साथ मिशन गली से कांके डैम पार्क तक तटवर्ती क्षेत्र का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान डैम में बढ़ते प्रदूषण, अतिक्रमण, अवैध निर्माण और ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर चिंता जताई. नगर आयुक्त ने डैम संरक्षण के लिए स्वच्छता, अभियंत्रण, नगर निवेशक, ट्रांसपोर्ट, भू-संपदा शाखा और अंचल कार्यालय के अधिकारियों को शामिल करने के लिए कहा और स्पेशल टास्क फोर्स गठित करने का निर्देश दिए.
डैम में गिरने वाले नालों को किया जाएगा बंद
नगर आयुक्त ने अभियंत्रण शाखा को निर्देश दिया कि डैम में गिरने वाले सभी नालों की पहचान की जाएगी. उनका प्रवाह को रोका जाएएगा.घरों से निकलने वाले ड्रेनेज को डायवर्ट करने, सोकपिट निर्माण को बढ़ावा देने तथा प्रदूषित तरल अपशिष्ट के डैम में प्रवेश पर पूर्ण रोक लगाने की योजना तैयार करने को कहा गया.
कैचमेंट एरिया की होगी मापी, अतिक्रमण पर कार्रवाई
भू-संपदा शाखा एवं अंचल प्रशासन को डैम के पूरे कैचमेंट एरिया की मापी कर उसकी घेराबंदी सुनिश्चित करने का निर्देश दिऐ. इसके साथ ही अतिक्रमण की श्रेणी में आने वाली संरचनाओं की पहचान की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया.
नगर आयुक्त ने इनफोर्समेंट टीम को डैम क्षेत्र में संचालित सभी अवैध खटालों, अवैध निर्माणों और अवैध बाउंड्री वॉल को तत्काल हटाने का निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जलाशय क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
ड्रोन मैपिंग से होगी निगरानी
डैम के कैचमेंट एरिया की ड्रोन मैपिंग कराया जाएगा.प्लॉटवार अतिक्रमण की निगरानी होगी. अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों की पहचान की जाएगी.चिन्हित मामलों में नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी.जलकुंभी और गाद हटाने का अभियान चलाया जाएगा. स्वच्छता एवं ट्रांसपोर्ट शाखा को निर्देश दिया गया कि पोकलेन और वीड हार्वेस्टिंग मशीनों की मदद से नियमित रूप से जलकुंभी एवं गाद हटाने का अभियान चलाया जाए.साथ ही डैम के किनारों पर उगी घास की भी नियमित छंटाई की जाएगी.
15 मीटर के दायरे में निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने कहा कि जलाशयों के संरक्षण के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा. उन्होंने बताया कि वाटर बॉडी की अधिगृहित भूमि से 15 मीटर की परिधि के भीतर किसी भी प्रकार का भवन या अन्य निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है. निरीक्षण के दौरान उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार, उप नगर आयुक्त गौतम प्रसाद साहू, कार्यपालक अभियंता, नगर निवेशक, सहायक नगर आयुक्त, नगर प्रबंधक, अभियंतागण, इनफोर्समेंट टीम एवं हेहल अंचल की टीम सहित अन्य अधिकारी और कर्मी मौजूद थे.
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