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कांटा पहाड़ी खदान हादसा: 7 मौतों के मामले में DGMS सख्त, 4 अधिकारियों पर केस दर्ज

Dhanbad: धनबाद के कतरास क्षेत्र स्थित कांटा पहाड़ी मां अंबे आउटसोर्सिंग पैच में हुए भीषण भू-धंसान और सात लोगों की मौत के मामले में खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) ने जांच पूरी कर ली है. लंबी जांच और वैज्ञानिक अध्ययन के बाद सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप में चार वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ धनबाद के सीजीएम न्यायालय में 24 फरवरी को मामला दर्ज कराया गया था.

 


DGMS के अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की. इस मामले की जांच तीन सदस्यीय टीम ने की थी, जिसने घटनास्थल का विस्तृत अध्ययन किया. जांच में पाया गया कि खनन कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया था, जिसके कारण यह गंभीर हादसा हुआ.
यह हादसा सितंबर 2025 की शुरुआत में हुआ था. उस समय ओवरबर्डन (OB) डंप के मलबे की ढलान अचानक खिसक गई थी, जिससे एक सर्विस वैन करीब 400 फीट गहरी खदान में गिर गई थी. वैन में सवार मजदूरों और कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई थी.

 


हादसे के बाद बीसीसीएल और बचाव दल की टीम ने करीब 26 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था, जिसके बाद सभी शवों को बरामद किया गया था. इस दुर्घटना में सर्विस वैन चालक गयासुर दास, मैकेनिक सुपरवाइजर अमन कुमार सिंह, राहुल रवानी, रूपक महतो, स्वरूप गोप और अमित बगाल सहित कुल सात लोगों की मौत हुई थी.

 


घटना के बाद तकनीकी जांच के लिए बीआईटी सिंदरी के वैज्ञानिकों की टीम ने भी अध्ययन किया था. रिपोर्ट में बताया गया कि ओवरबर्डन डंप की ढलान में तकनीकी खामियां थीं, जिससे मलबा खिसक गया और यह बड़ा हादसा हो गया.अब DGMS ने माइंस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत चार अधिकारियों के खिलाफ अदालत में मुकदमा दायर किया है. मामले में जल्द ही न्यायालय की ओर से संबंधित अधिकारियों को समन जारी किया जा सकता है.

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