कॉलेज में झारखंड में अल्पसंख्यकों व आदिवासियों के मानवाधिकार पर एकदिवसीय प्रशिक्षण आयोजित Jamshedpur (Anand Mishra) : जमशेदपुर के साकची स्थित करीम सिटी कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग तथा नेशनल ह्यूमन राइट्स कमिशन, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम का विषय था- "झारखंड में अल्पसंख्यकों और आदिवासियों के मानवाधिकार". कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कोल्हन विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ राजेंद्र भारती तथा रिसोर्स पर्सन श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के डीन ह्यूमैनिटीज प्रो मोहम्मद अयूब एवं मुख्य वक्ता जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी पीजी डिपार्टमेंट की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ सोनाली सिंह तथा श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय एंथ्रोपोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अभय सागर मिंज थे. कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की. मुख्य अतिथि रजिस्ट्रार ने कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया. उन्होंने अपने भाषण में संस्कृति शब्द को परिभाषित किया और बताया के संस्कृति मानव जीवन में आधार की हैसियत रखती है. संस्कृति ही है जिसमें हमारा वास्तविक स्वरूप निहित होता है. डॉ राजेंद्र भारती ने दोनों आयोजक संस्थाओं को बधाई दी. उन्होंने अपने संबोधन में संवर्धन की चुनौतियों तथा संस्कृति पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि संस्कृति समाज के एकीकरण एवं स्थायित्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. इसका महत्व उस समय और बढ़ जाता है जब हम देश के अल्पसंख्यक नागरिकों और आदिवासियों के संदर्भ में बात करते हैं. इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/jhakhand-government-again-transferred-31-dsps/">झारखंड
सरकार ने फिर किया 31 डीएसपी का तबादला इससे पूर्व करीम सिटी कॉलेज के प्राचार्य और इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के ऑर्गनाइजिंग सेक्रेट्री डॉ मोहम्मद रियाज ने पुष्प गुच्छ, स्मृति चिन्ह भेंट एवं शॉल ओढ़ाकर अतिथियों का स्वागत किया. प्राचार्य ने स्वागत भाषण करते हुए भारतीय संविधान की तरफ सभा का ध्यान आकृष्ट कराया. उन्होंने कहा कि हमारा संविधान भारत के नागरिकों के प्रत्येक वर्ग के अधिकारों तथा स्वतंत्रता की सुरक्षा प्रदान करता है. कार्यक्रम के कंवेनर तथा राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ अनवर शहाब ने कार्यक्रम के उद्देश्यों को सभा के समक्ष रखा. उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य यहां के अल्पसंख्यकों तथा विशेष कर आदिवासियों को उनके उन अधिकारों और सम्मान के प्रति जागरूक बनाना है, जो उन्हें भारतीय संविधान द्वारा प्रदान किया गया है. इसे भी पढ़ें : रास">https://lagatar.in/rashtriya-swayamsevak-sangh-elections-jmms-pressure-bore-fruit-sarfaraz-ahmed-will-be-the-candidate/">रास
चुनाव: झामुमो का दबाव रंग लाया, सरफराज अहमद होंगे प्रत्याशी कोल्हन विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के उद्घाटन भाषण के बाद प्रथम सत्र प्रारंभ हुआ, जिसमें डॉ सोनाली सिंह ने मानवाधिकार का परिचय प्रस्तुत करते हुए इसके अर्थ पर प्रकाश डाला. उन्होंने मानवाधिकारों के महत्व, उसकी संवैधानिक स्थिति तथा एनएचआरसी में इसका प्रावधान और कार्य प्रणाली को विस्तार पूर्वक समझाया. इसके तहत उन्होंने मानवाधिकार का कानूनी तथा प्राकृतिक दोनों रूप को सामने रखा. डॉ अमान मोहम्मद (प्राध्यापक राजनीतिक विज्ञान करीम सिटी कॉलेज) ने 1948 की मानवाधिकार वैश्विक घोषणा पर अपने विचार रखे. डॉ अभय सागर मिंज का संबोधन काफी प्रभावशाली रहा. उन्होंने सामुदायिक विकास सामाजिक प्रदर्शन एवं आर्थिक अवसर जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और खुशहाली जैसे पहलुओं पर बात की. उन्होंने कहा कि इतनी विविधताओं के बावजूद हमारे देश में शांति और सद्भावना है. इसका मात्र एक कारण है कि हमारा देश धर्मों का देश है और संसार का कोई भी धर्म हो मनुष्य को आपस में जुड़ने और प्रेम करने का संदेश देता है. उन्होंने कुछ ऐसी पुस्तकों को पढ़ने का परामर्श दिया जिन में हमारी संस्कृति की वास्तविकता प्रतिबिंबित होती है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-jks-college-international-womens-day-many-competitions-organized/">जमशेदपुर
: जेकेएस कॉलेज में अर्न्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर कई प्रतियोगिताएं आयोजित श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची से आए प्रो मोहम्मद अयूब ने अल्पसंख्यकों तथा आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि जो अधिकार हमें संविधान द्वारा प्रदान किए गए हैं उनको जाने बिना और उनका प्रयोग में लाए बिना किसी भी समुदाय के लिए यह संभव नहीं है कि वह शैक्षणिक क्षेत्र में या आर्थिक क्षेत्र में अपने आप को विकसित कर सके. कार्यक्रम के समापन सत्र में कार्यक्रम का संचालन मुबीना बेगम एवं स्नेहा शर्मा और डॉ तनवीर जमाल काजमी ने धन्यवाद ज्ञापन किया. [wpse_comments_template]
सरकार ने फिर किया 31 डीएसपी का तबादला इससे पूर्व करीम सिटी कॉलेज के प्राचार्य और इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के ऑर्गनाइजिंग सेक्रेट्री डॉ मोहम्मद रियाज ने पुष्प गुच्छ, स्मृति चिन्ह भेंट एवं शॉल ओढ़ाकर अतिथियों का स्वागत किया. प्राचार्य ने स्वागत भाषण करते हुए भारतीय संविधान की तरफ सभा का ध्यान आकृष्ट कराया. उन्होंने कहा कि हमारा संविधान भारत के नागरिकों के प्रत्येक वर्ग के अधिकारों तथा स्वतंत्रता की सुरक्षा प्रदान करता है. कार्यक्रम के कंवेनर तथा राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ अनवर शहाब ने कार्यक्रम के उद्देश्यों को सभा के समक्ष रखा. उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य यहां के अल्पसंख्यकों तथा विशेष कर आदिवासियों को उनके उन अधिकारों और सम्मान के प्रति जागरूक बनाना है, जो उन्हें भारतीय संविधान द्वारा प्रदान किया गया है. इसे भी पढ़ें : रास">https://lagatar.in/rashtriya-swayamsevak-sangh-elections-jmms-pressure-bore-fruit-sarfaraz-ahmed-will-be-the-candidate/">रास
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