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महिलाओं को घर में रहना चाहिए, सुन्नी इस्लामिक विद्वान के बयान का केरलम सीएम ने विरोध किया

National News : राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सतीशन ने कहा, "हम कांतापुरम मुसलियार के बयान से बिल्कुल सहमत नहीं. उनकी  बात प्रगतिशील केरल के अनुकूल नहीं है. कहा कि महिलाएं सिर्फ घरों में रहने के लिए नहीं बनी हैं.
 
केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन

National News :  केरलम में कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सुन्नी इस्लामिक विद्वान कांतापुरम एपी अबूबकर मुसलियार द्वारा दिये गये महिला विरोधी बयान का विरोध किया है. कांतापुरम ने रविवार को अपने बयान में कहा था कि महिलाओं को घर के अंदर ही रहना चाहिए. कहा था कि महिलाओं को खुले कूप में सार्वजनिक मंचों पर आना समाज के लिए नुकसानदायक है. उन्होंने कहा था कि इसी कारण इस्लाम में पर्दा प्रथा और घर में रहने की बात कही गयी है.
 
 

 

आज बुधवार को राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सतीशन ने कहा, "हम कांतापुरम मुसलियार के बयान से बिल्कुल सहमत नहीं. उनकी  बात प्रगतिशील केरल के अनुकूल नहीं है. कहा कि महिलाएं सिर्फ घरों में रहने के लिए नहीं बनी हैं.  सतीशन ने कहा कि यह ऐसी बात है जो 19वीं सदी में कही जा सकती थी, लेकिन 21वीं सदी में इसका कोई स्थान नहीं है

 


इससे पहले  सोमवार को केरलम की महिला एवं बाल विकास मंत्री बिंदु कृष्णा और वरिष्ठ माकपा नेता पी.के. श्रीमती ने मौलवी कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार की इस टिप्पणी की आलोचना की कि महिलाओं को घर के अंदर ही रहना चाहिए.

 

 

 


केरलम के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्हें(महिलाओं) जीवन के हर क्षेत्र में हिस्सा लेना चाहिए. समाज को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभानी चाहिए.  श्री सतीशन ने अपनी बात रखते हुए रानी बिलकिस का उदाहरण दिया. कहा कि इस्लामी इतिहास में उन्हें एक शासक के रूप में दर्ज किया गया है. वह रानी थीं.  यह इस्लामी इतिहास में एक ऐसी महिला का उदाहरण है, जिन्होंने सैन्य नेतृत्व की भूमिका निभाई.. व्यवसाय भी किया. यह उदाहरण इस्लामी इतिहास में मौजूद हैं.

 


वीडी सतीशन ने खलीफाओं के शासनकाल की एक घटना का उल्लेख किया. उसमें एक महिला ने मेहर (विवाह के समय पति द्वारा पत्नी को दी जाने वाली धनराशि) से जुड़े एक फैसले का विरोध किया था, वीडी सतीशन के अनुसार  उस समय शासक ने महिला के तर्क को सही माना था.  सतीशन ने कहा, ऐसे  उदाहरण यह दिखाते हैं कि महिलाओं की शाही दरबार तक में पूछ थी.  इसलिए हम इस तरह की पिछड़ी सोच से सहमत नहीं हो सकते.''

 

 
दरअसल सुन्नी इस्लामी विद्वान कांतापुरम मुसलियार ने रविवार को कोच्चि में आयोजित कार्यक्रम मंम कहा था कि महिलाओं को अपने घर के भीतर ही रहना चाहिए. इस्लाम में पर्दा प्रथा और घर में रहने की बात आयी है. कांतापुरम का दावा था कि पिछले 100 वर्षों से उनके संगठन के विद्वान यही सिखाते रहे हैं. यही परंपरा निभाने की वजह से महिलाओं का सम्मान बना हुआ है. कांतापुरम ने जोर देकर कहा था कि  कोई भी उनकी बात का विरोध करे, वे इस्लामिक धार्मिक के नियमों के अनुसार अपनी बात बोलते रहेंगे.  

 


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