Ranchi News: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू), रांची में सोमवार को कुलपति डॉ. राजीव मनोहर की अध्यक्षता में एकेडमिक काउंसिल की बैठक हुई. गांधी सभागार में आयोजित बैठक में पीएचडी नामांकन के नए नियमों और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश को लेकर दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई.
बैठक में यूजीसी पीएचडी रेगुलेशन, 2022 के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा तैयार किए गए पीएचडी रेगुलेशन के नए ड्राफ्ट को एकेडमिक काउंसिल के सदस्यों के समक्ष रखा गया. सदस्यों की अंतिम स्वीकृति के बाद इसे पारित कर दिया गया. इसके तहत जेआरएफ, असिस्टेंट प्रोफेसर और पीएचडी के लिए पात्र तथा पीएचडी प्रवेश के लिए पात्र नेट/जेट उत्तीर्ण अभ्यर्थी पीएचडी में नामांकन के लिए पात्र होंगे.
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नए प्रस्ताव के अनुसार एक असिस्टेंट प्रोफेसर अधिकतम 4, एसोसिएट प्रोफेसर 6 और प्रोफेसर अधिकतम 8 विद्यार्थियों का पीएचडी शोध के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. विश्वविद्यालय इन पात्र श्रेणियों के अतिरिक्त पीएचडी में नामांकन के लिए अलग से विश्वविद्यालय स्तरीय प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं करेगा.
कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने बताया कि पीएचडी में प्रवेश विभागों में उपलब्ध रिक्त शोध सीटों, विभागीय संसाधनों और शोध पर्यवेक्षकों की क्षमता के आधार पर होगा. बैठक में यह भी सहमति बनी कि विभिन्न विभागों में पीएचडी की उपलब्ध रिक्त सीटों की संख्या स्पष्ट होते ही नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
एकेडमिक काउंसिल की बैठक में वर्तमान सत्र में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में नामांकन को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई. नई शिक्षा नीति के तहत तीन वर्षीय यूजी पाठ्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ पुराने पाठ्यक्रम के तहत स्नातक करने वाले विद्यार्थियों को भी पीजी में प्रवेश देने पर सर्वसम्मति बनी.
कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए दोनों श्रेणियों के विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश का अवसर दिया जाएगा.
बैठक के बाद कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने कहा कि एकेडमिक काउंसिल ने दोनों प्रमुख एजेंडों पर सहमति प्रदान करते हुए उन्हें पारित कर दिया है. विश्वविद्यालय अक्टूबर माह के अंत तक पीएचडी और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में नामांकन प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध है.
बैठक में कुलसचिव डॉ. धनंजय वासुदेव द्विवेदी, वित्त पदाधिकारी अनिता मेहता, परीक्षा नियंत्रक शुचि संतोष बरवार सहित सभी डीन, विभागाध्यक्ष और समन्वयक उपस्थित थे. इसकी जानकारी विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. राजेश कुमार सिंह ने दी.
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