Kharsawan : खरसावां, कुचाई, राजखरसावां और इसके आस-पास के क्षेत्रों में विद्या की देवी माता सरस्वती की पूजा की धूम मची हुई है. विद्या की देवी माता सरस्वती बसंत पंचमी पर खरसावां और कुचाई के 500 से अधिक स्थानों पर पूजी जा रहीं हैं. इन क्षेत्रों के सभी रास्ते पूजा पंडालों की तरफ ही है. नन्हें-मुन्ने बच्चों को मोहक पोशाक पहनकर पूजा पंडालों की तरफ जाते हुये देखा गया. खासकर छोटी लड़कियों को साड़ी पहनकर पूजा पंडालों कीऔर जाते हुये देखा गया. इसे भी पढ़ें:चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-saraswati-puja-is-celebrated-in-the-educational-institutions-of-the-city-and-the-village/">चाईबासा
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छोटे बच्चे आज से ही करते हैं शिक्षा का शुभारंभ
नन्हें-मुन्ने बच्चे सरस्वती पूजा के दिन से ही शिक्षा की शुरुआत करते हैं. इसमें दो-तीन साल के बच्चों को लेकर मां सरस्वती के पास पूजा कराने के बाद विधिवत रुप से पढ़ाने-लिखाने की शुरुआत की जाती है. बच्चे चौक से स्लेट पर लिखकर शिक्षा की शुरुआत करते हैं. पंडालों में मां सरस्वती की भव्य प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की गयी. खरसावां में पंडाल बनाकर विद्युत सज्जा की विशेष व्यवस्था की गयी है. इसे भी पढ़ें:रांची">https://lagatar.in/maa-saraswatis-temple-in-ranchi-here-3-slogans-are-held-together-know-the-importance-of-slogans/">रांचीमें मां सरस्वती का एकमात्र मंदिर, यहां लगते हैं एक साथ 3 नारे, नारों का महत्व जानें [wpse_comments_template]
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