- कोल्हान वन प्रमंडल के बुंडू व अगरवां के ग्रामीणों के बीच कई दशक से तनातनी
: दुर्गोत्सव की धूम से पूरा जादूगोड़ा भक्तिमय
हिंसक झड़प में मारे जा चुके हैं तीन ग्रामीण
उल्लेखनीय है कि उक्त वन भूमि पर कब्जा से जुड़े विवाद को लेकर दोनों गांवों के ग्रामीणों के बीच कई बार हिंसक झड़प हो चुकी है. एक घटना में बुंडू के ग्रामीणों ने अगरवां के तीन ग्रामीणों की हत्या व दर्जनों को घायल कर दिया था. इस विवाद को सुलझाने के लिए जिला पुलिस प्रशासन की तरफ से विशेष ग्राम सभा का आयोजन रोवाम में किया गया था. इसके अलावे अनेक बार बैठक भी हुई थी. लेकिन समाधान नहीं निकला. समाधान नहीं निकलने का मुख्य वजह यह है कि जिस जमीन के लिए दोनों गांवों के ग्रामीण लड़ रहे हैं वह आरक्षित वन भूमि है. जिसे जंगल काटकर ग्रामीणों ने झारखंड आंदोलन के दौरान साफ-सफाई कर उसपर कब्जा व खेती प्रारंभ किया था. इस दौरान झारखंडी शहीद दिवस कमिटी के अध्यक्ष कृष्णा तोपनो, वन अधिकार समिति के अध्यक्ष बेंगरा केराई, सचिव सुरेश अंगारिया, गंगदा गांव के मुंंडा बिरसा सुरीन,माधो तोपनो, विजय अंगारिया, मथुरा पुरती शामिल थे. इसे भी पढ़ें : Dumaria:">https://lagatar.in/dumaria-mla-sanjeev-gave-ration-to-orphan-children/">Dumaria:विधायक संजीव ने अनाथ बच्चों को दिया राशन [wpse_comments_template]
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