टाइगर : राजकीय सम्मान के साथ जगरनाथ महतो की अंत्येष्टि
निजी चिकित्सकों पर निर्भर हैं पशुपालक
लम्पी त्वचा रोग मवेशियों में होने वाला एक संक्रामक रोग है जो पॉक्सविरिडे परिवार के एक वायरस के कारण होता है, जिसे नीथलिंग वायरस भी कहा जाता है. इस रोग के कारण पशुओं की त्वचा पर गांठ के अलावे सूजन विकसित होती हैं. इस बीमारी से ग्रसित गायों में बुखार की शुरुआत वायरस से संक्रमण के लगभग एक सप्ताह बाद होती है. इसके शिकार गायों की मौत भी हो जा रही है. इस संबंध में पशु चिकित्सालय किरीबुरू के कर्मचारी से सम्पर्क करने पर उन्होंने बताया की क्षेत्र में लम्पी बीमारी का प्रकोप देखा जा रहा है. फिलहाल सरकार की तरफ से इसके लिए वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. किरीबुरू के कई लोग ओडिशा के पशु चिकित्सक को बुलाकर लम्पी त्वचा रोग का वैक्सीन अपने-अपने मवेशियों को दिलवा रहे हैं. उन्होंने कहा कि पिछले दिनों विभाग द्वारा खोरहा बीमारी का टीका भेजा गया था जो मवेशियों को लगाया गया था. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-health-check-up-of-423-in-the-camp-organized-at-chhota-govindpur-on-world-health-day/">जमशेदपुर: विश्व स्वास्थ्य दिवस पर छोटा गोविंदपुर में आयोजित शिविर में 423 की हुई स्वास्थ्य जांच [wpse_comments_template]

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