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किरीबुरु-मनोहरपुर मार्ग पर पत्‍थरबाजी करने वालों को पकड़ने के लिये पुलिस हुई रेस

Kiriburu (Shailesh Singh): किरीबुरु-मनोहरपुर मुख्य सड़क मार्ग पर छोटानागरा एवं चिरिया थाना सीमा के बीच एस मोड़ के समीप अंधेरा होते हीं वाहनों पर जंगल से की जा रही पत्थरबाजी की घटना को पश्चिमी सिंहभूम जिले के एसपी आशुतोष शेखर ने गंभीरता से लिया है. उन्होंने इस कार्य को अंजाम देने में शामिल असामाजिक अथवा अपराधिक तत्वों को पकड़ने का निर्देश मनोहरपुर के एसडीपीओ दाऊद किडो़, छोटानागरा थाना प्रभारी उमा शंकर वर्मा को दिया है. एसपी के आदेश पर सोमवार को एसडीपीओ दाऊद किडो़ एवं छोटानागरा थाना प्रभारी ने घटनास्थल एस मोड़ क्षेत्र की जांच कर घंटों सर्च अभियान चलाया. इसे भी पढ़ें: PF">https://lagatar.in/big-cyber-attack-on-pf-website-personal-information-of-28-crore-people-leaked/">PF

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दो लोगों के पैर के निशान मिले, पुलिस ने ग्रामीणों से मांगा सहयोग

इस दौरान आसपास के गांवों के ग्रामीणों से भी पूछताछ की गई. जांच के दौरान दोनों पदाधिकारियों ने पाया कि जहां से वाहनों पर पत्थरबाजी की जा रही है वह स्थान सड़क से महज 4-5 मीटर दूर है. सड़क से कुछ दूरी पर एक बरगद का पेड़ है एवं चारों तरफ झाड़ी के बीच एक पगडंडी रास्ता है. यहीं पर बैठकर संदिग्ध लोग सड़क से गुजरने वाली वाहनों पर पत्थरबाजी करते हैं. वहां दो लोग के बैठने व चलने के पदचिन्ह के निशान भी पाए गए हैं. संभावना जताई जा रही है कि ये पत्थरबाज बाहरी हो सकते हैं. पुलिस ने घटनास्थल पास की झाडि़यों की साफ-सफाई मजदूरों के माध्यम से प्रारम्भ कर दी है. साथ ही उन्‍हें पकड़ने के लिये ग्रामीणों से भी सहयोग मांगा गया है.

6-7 वर्ष पूर्व यहां होती थी लूटपाट की घटनाएं

उल्लेखनीय है कि घटनास्थल एस मोड़ घने जंगलों से घिरा तथा घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र है. यहां लगभग 6-7 वर्ष पूर्व दो-तीन बाहरी अपराधी सड़क पर लकड़ी का मोटा रोला रखकर रात में गुजरने वाले वाहनों को रोक हथियार के बलपर लूटपाट की घटना को अंजाम देते थे. ऐसे अपराधियों के शिकार कुछ स्थानीय लोग भी हुए थे.

ग्रामीणों ने लुटेरों को घर दबोचा, जब बंद हुई लूटपाट

इससे नाराज स्थानीय ग्रामीण विशेष रणनीति के तहत रात में जंगल की घेराबंदी कर दो लुटेरों को पकड़ जंगल में हीं मौत के घाट उतार शव को पास के नदी में फेंक दिया था. जबकि एक लुटेरा अंधेरे व जंगल का लाभ उठाकर भागने में सफल रहा था. तब से इस मार्ग कर लूटपाट अथवा तमाम प्रकार के अपराध बंद हो गया था. यात्री इस मार्ग को सबसे सुरक्षित मामने लगे थे.

पत्थरबाजी की घटना से ग्रामीण आक्रोशित

लेकिन एक बार पुनः पत्थरबाजी की घटना ने पुलिस के साथ-साथ ग्रामीणों को भी सोंचने पर मजबूर कर दिया है. ग्रामीण भी आक्रोशित हैं कि बाहरी अपराधी यहाँ आकर गांव व क्षेत्र को बदनाम कर रहे हैं. ऐसे लोगों को पकड़कर सबक सिखाया जाएगा. पुलिस भी इस क्षेत्र में निरंतर गश्त बढा़ते हुए अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु प्रयास तेज कर दिया है. इसे भी पढ़ें: जामताड़ा">https://lagatar.in/jamtara-bengal-cid-team-reached-to-search-the-house-of-mla-dr-irfan-ansari/">जामताड़ा

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