: युवती ने प्रेमी पर लगाया यौन शौषण का आरोप
80 वर्ष की उम्र में लगा रहे न्यायालय का चक्कर
सेल के सेवानिवृत्त कार्यपालक निदेशक रमेश सिन्हा, पूर्व महाप्रबंधक एमके बिंदू भी उन्हीं में से एक है. दोनों केश के सिलसिले में चाईबासा व किरीबुरु का चक्कर पिछले एक माह से काट रहे हैं. रमेश सिन्हा ने बताया कि हमलोगों को पता भी नहीं था कि वन विभाग ने कब केश किया था. जब चाईबासा न्यायालय से सम्मन आया तो पता चला की उन लोगों के खिलाफ खदान क्षेत्र में झाड़ियों की कटाई, टावर का निर्माण कराने से संबंधित मामले को लेकर केश किया गया है. वन विभाग के पूर्व अधिकारी विद्वेष वश मामला दर्ज करा देते थे. क्योंकि एक बार सेल की मेघाहातुबुरु गेस्ट हाऊस का सारा कमरा फूल था. उसी समय पूर्व डीएफओ आ गये, जिन्हें हम कमरा उपलब्ध नहीं करा पाये. वह नाराज होकर वन विभाग की बराईबुरु गेस्ट हाऊस में ठहरे थे. दूसरे एक मामले में किरीबुरु के पूर्व रेंजर ने हमारे एक अधिकारी के साथ गलत बर्ताव कर दिया था. इसके बाद उनसे ऐसा बर्ताव नहीं करने को कहा गया था. इन्हीं वजहों से नाराज होकर वन विभाग के लोग हमलोगों पर फर्जी केश दर्ज करा देते थे. रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि हमारी उम्र 80 वर्ष हो गई. हम हार्ट समेत अन्य बीमारियों से ग्रसित हैं. हमारा उम्र अब न्यायालय का चक्कर लगाने का नहीं रहा. सेल से सेवानिवृत्त हुये भी हमें 10 वर्ष से अधिक हो गये है. कब तक न्यायालय में दौड़ते रहें. इसे भी पढ़ें :चांडिल">https://lagatar.in/chandil-sri-sri-108-ramcharit-manas-navanh-parayan-mahayagya-made-the-atmosphere-devotional/">चांडिल: श्रीश्री 108 रामचरित मानस नवान्ह पारायण महायज्ञ से वातावरण हुआ भक्तिमय [wpse_comments_template]

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