मोदी की नीतियों से आम आदमी को नहीं, सिर्फ कारोबारी मित्रों को फायदा : प्रियंका गांधी
alt="" width="600" height="400" /> उल्लेखनीय है कि जैतगढ़ क्षेत्र के गुमुरिया बालू घाट के अलावे ओडिशा के चम्पुआ क्षेत्र से रात और दिन में लगातार बालू की तस्करी खनन विभाग की आखों के सामने हो रही है. सूत्रों के अनुसार गुमुरिया बालू घाट से दर्जनों ट्रैक्टर से बालू का उठाव कर आसपास के क्षेत्रों में स्टॉक कर रखा जाता है. वहां से जेसीबी से हाइवा में बालू लोड कर विभिन्न क्षेत्रों में भेजा जा रहा है. बालू के इस अवैध कारोबार में चार-पांच राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोग शामिल हैं. सूत्रों का कहना है कि पिछले दो माह से बालू की अवैध तस्करी धीरे-धीरे जोर पकड़ रही है. इसे भी पढ़ें : ">https://lagatar.in/palamu-police-arrested-three-tspc-naxalites-with-ak-47-rifle/">
पलामू पुलिस ने एके 47 राइफल के साथ तीन TSPC नक्सलियों को गिरफ्तार किया बालू माफिया इस प्रयास में हमेशा लगे रहते हैं कि अगर अवैध बालू लदा वाहन पकड़ा गया तो थाना में प्राथमिकी दर्ज न हो पाये तथा खनन विभाग से ही फाइन करा वाहन को बालू समेत छोड़वा लिया जाये. इनका गहरा संबंध खनन विभाग कार्यालय से रहता है. बालू तस्करी में लगे कुछ ट्रैक्टर मालिकों ने “लगातार न्यूज” को बताया कि बालू माफिया इस तस्करी में शामिल प्रत्येक ट्रैक्टर मालिकों से प्रतिमाह 15-15 हजार रुपये एकमुश्त लेते हैं. हाइवा से अधिक रकम की वसूली होती है. कुछ ट्रैक्टर मालिक पैसा नहीं दे पाते हैं तो उनका ट्रैक्टर पकड़वा दिया जाता है. जेसीबी मशीन और मजदूरों से वाहनों में बालू लोड कराया जाता है. रात के समय जैतगढ़ क्षेत्र की सड़कों पर अवैध बालू लदे वाहन दौड़ने लगते हैं. [wpse_comments_template]
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