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किरीबुरू : मारंगपोंगा व दीकुपोंगा का जलमीनार चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट

Kiriburu (Shailesh Singh) : अत्यंत नक्सल प्रभावित सारंडा स्थित दीघा पंचायत के सुदूरवर्ती मारंगपोंगा एवं दिकुपोंगा गांव में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है. सरकार की हर घर जल योजना का कार्य तो दो वर्ष पूर्व प्रारम्भ हुआ था, लेकिन विभागीय अधिकारी  व ठेकेदार की भ्रष्ट नीति की वजह से वह आज तक धरातल पर नहीं उतर पाया हैं. मारंगपोंगा व पास के गांव दिकुपोंगा में डीएमएफटी फंड से अलग-अलग जल मीनार का निर्माण पिछले दो वर्ष  पूर्व से प्रारम्भ है. यह जल मीनार भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है. निर्माण से पूर्व ही इसका पिलर एक तरफ झुक गया है जो कभी भी गिर सकता है. ग्रामीण लकड़ी का ओट लगाकर सोलर प्लेट व पिल्लर को रखे हैं. गर्मी में पानी के अभाव में ग्रामीण नदी से दूषित पानी लाकर पेयजल आदि कार्यों में इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे मलेरिया व अन्य बीमारी फैलने की संभावना बनी रहती है. इसे भी पढ़ें :केदारनाथ">https://lagatar.in/the-doors-of-kedarnath-dham-opened-for-devotees-the-temple-resounded-with-chants-and-chants-of-har-har-mahadev/">केदारनाथ

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योजना का कोई बोर्ड तक नहीं लगा

[caption id="attachment_618767" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/jaLMINAR-23-300x221.jpg"

alt="" width="300" height="221" /> सोलर प्लेट.[/caption] आस संस्था के संयोजक सुशील बारला, ग्रामीण सुखराम बहंदा, महादेव बहंदा ने बताया कि शायद दोनों जल मीनार का पिलर टेढ़ा हो जाने की वजह से ठेकेदार ने आगे का काम रोक दिया है. अगर काम हुआ तो निश्चित ही टंकी व पानी का लोड पड़ते ही पिल्लर गिर जाएगा. ग्रामीणों ने कहा कि जल मीनार के नींव के लिए काफी कम गहरा गड्ढा खोदा गया है. मानक अनुसार पिलर की ढ़लाई में स्टील, सिमेंट-गिट्टी-बालू का मिश्रण नहीं दिया गया है. कार्य में लगे मजदूरों को मात्र 200 रुपये मजदूरी देने की बात हुई. वह पैसा भी पूरा मजदूरों को नहीं दिया गया है. जल मीनार किस योजना के तहत कितनी लागत से बन रहा है, इसका कोई बोर्ड तक नहीं लगा है. ठेकेदार कौन है तथा कहां का है पता नहीं. इसे भी पढ़ें :मुसाबनी">https://lagatar.in/musabani-miscreants-damaged-the-statue-of-sido-kanhu-jmm-protest-started/">मुसाबनी

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10 घरों को हीं पाइप लाइन से पानी मिल रहा

मजदूरों को मजदूरी भी आज तक पूरा नहीं मिल पाया है. जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है. इस योजना से ग्रामीणों को कब पानी मिलना प्रारंभ होगा पता नहीं है. उन्होंने आशंका जताई है कि ठेकेदार अधूरा व अपूर्ण कार्य कर विभागीय अधिकारी के मिलीभगत से पूरे पैसा की निकासी कर गायब हो गया है. इस मामले की जांच करा दोषियों पर कार्रवाई की जाए. योजना को पूर्ण कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराया जाये. मुंशी शंकर ने बताया कि यह ठेकेदार ने पैसा नहीं दिया इससे मजदूरों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम व बकाया मजदूरी भी नहीं दिया गया है. दूसरी तरफ मारंगपोंगा का तोरोवाकोचा टोली में रांची के ठेकेदार डीके सिंह द्वारा सोलर चालित जलापूर्ति योजना का निर्माण किया गया है. इससे पानी तो आ रहा है लेकिन इस योजना के तहत टोला के 10 घरों को हीं पाइप लाइन से पानी मिल रहा है. बाकी के दोनों गांव के सैकड़ों परिवार पानी से वंचित हैं. इसे भी पढ़ें :मनोहरपुर">https://lagatar.in/manoharpur-a-young-man-got-scorched-due-to-electrocution-serious/">मनोहरपुर

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