Kiriburu (Shailesh Singh) : एस्पायर संस्था की तरफ से सारंडा सुवन छात्रावास प्रांगण में
हर्षोउल्लास के साथ
मागे मिलन समारोह का आयोजन किया
गया. कार्यक्रम का
शुभारम्भ आरबीसी केन्द्र में पढ़ने वाले बच्चों ने अतिथियों का
पारम्परिक रीति-रिवाजों व नृत्य के साथ स्वागत कर
किया. इस दौरान बतौर मुख्य अतिथि
किरीबुरू के महाप्रबंधक बीके मिंज ने कहा कि
एस्पायर की टीम अनाथ व गरीब बच्चों को सिर्फ शिक्षा हीं नहीं दे रही है, बल्कि उनका परवरिश भी कर रही
है. संस्था शिक्षा के साथ-साथ यहां की
पारम्परिक पर्व-त्योहार व संस्कृति से भी बच्चों को अवगत करा रही
है. सेल प्रबंधन बच्चों की शिक्षा व विकास के लिए हर संभव सहयोग आगे भी करती रहेगी. [caption id="attachment_570823" align="aligncenter" width="600"]

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/03/Kiriburu-Mage-Milan-2.jpg"
alt="" width="600" height="400" /> नृत्य प्रस्तुत करते बच्चे.[/caption]
इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-civil-coordination-committee-welcomed-the-decision-of-jharkhand-government/">आदित्यपुर
: नागरिक समन्वय समिति ने झारखंड सरकार के निर्णय का किया स्वागत शिक्षा के बिना सब अधूरा - नवीन कुमार सोनकुशरे
सेल, बीएसएल
जेजीओएम के महाप्रबंधक नवीन कुमार
सोनकुशरे ने कहा कि
एस्पायर की टीम और उनके शिक्षा के प्रति लगाव व कार्य अद्वितीय
हैं. सारंडा जैसे सुदूरवर्ती क्षेत्र में यह शिक्षा का अलख जगा रही
है. उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि शिक्षा के बिना सब अधूरा
है. स्वयं व समाज को आगे बढ़ाना है तो शिक्षा जरूरी
है. वरिष्ठ प्रबंधक रमेश सिन्हा ने कहा कि
एस्पायर काफी अच्छा कार्य कर रही
है. गरीब व अनाथ बच्चों को शिक्षा से
जोड़कर महान कार्य कर रही
है. सेल की सीएसआर योजना से जरूरी मदद किया
जाएगा. एस्पायर के प्रखंड समन्वयक हरेकृष्णा गोप ने कहा कि
मागे पर्व में बच्चे अपने-अपने गांव जाना चाहते थे एवं कुछ दिन
रूकना चाहते
थे. इससे बच्चों का शिक्षा प्रभावित
होती. इसी के तहत विद्यालय में हीं
मागे पर्व मिलन समारोह आयोजित कर उन्हें गांव जैसी खुशियां प्रदान करने का एक छोटा प्रयास किया गया
है. [caption id="attachment_570825" align="aligncenter" width="600"]

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/03/Kiriburu-Mage-Milan-1.jpg"
alt="" width="600" height="400" /> गीत-संगीत प्रस्तुत करते बच्चे.[/caption]
इसे भी पढ़ें : नोवामुंडी">https://lagatar.in/noamundi-mage-festival-will-be-celebrated-in-nuia-village-on-march-6-dj-will-be-banned/">नोवामुंडी
: नुईया गांव में 6 मार्च को मनाया जाएगा मागे पर्व, डीजे पर रहेगी रोक बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी
समाजसेवी
सोनु सिरका ने कहा कि हम आदिवासी प्रकृति के पुजारी
हैं. हमारा तमाम पर्व-त्योहार प्रकृति की पूजा के साथ हीं
प्रारम्भ होता
है. हमें प्रकृति का दोहन नहीं करना
है. हम प्रकृति से पूरे विश्व, मानव व जीव-जन्तुओं की रक्षा व सुख-शान्ति के लिए कामना करते
हैं. इस दौरान बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम, नृत्य, गीत-संगीत आदि की प्रस्तुति
दी. कार्यक्रम में महाप्रबंधक बीके मिंज, महाप्रबंधक नवीन कुमार सोनकुशरे, वरिष्ठ प्रबंधक रमेश सिन्हा, उप मुखिया सुमन मुंडू, पूर्व प्राचार्य बी प्रकाश,
एस्पायर के प्रखंड समन्वयक हरेकृष्णा गोप, प्राचार्य कन्हाई बिरुवा,
सोनु सिरका, कुंदन कुमार, सुस्ती सुंदर दास,
फ्रांसीस लोम्गा, कनक मिश्रा, ब्रह्मचारी कुमार,
रेश्मा कुमारी, मुंडा विजय
अंगारिया आदि
सैकड़ों उपस्थित
थे. [wpse_comments_template]
Leave a Comment