alt="जानिये कर्नाटक के मठों में हाजिरी क्यों लगा रहे हैं निशिकांत, सुनील सिंह और बिरंची नारायण" width="600" height="400" /> कर्नाटक में लिंगायत समुदाय के 400 मठ, वोकालिगा समुदाय के 150 मठ और कुरबा समुदाय के 80 से ज्यादा मठ हैं. इन तीन समुदायों के राज्य में करीब 38% वोटर हैं. ये वोटर किसी भी पार्टी की सरकार बनवाने में अहम भूमिका निभाते हैं. इसीलिए चुनाव से पहले भाजपा ने इन्हें साधने में पूरी ताकत लगा दी है. इसे भी पढ़ें - पूर्व">https://lagatar.in/former-mla-amit-mahto-will-now-be-able-contest-elections-high-court-reduced-sentence-in-sonahatu-case-by-one-year/">पूर्व
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हिंदू वोटरों को साधने में लगी है भाजपा
कर्नाटक में हिंदू वोटरों को साधने के लिए भाजपा ने अपनी पूरी मशीनरी लगा दी है. भाजपा पीएम मोदी, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, बीएस येदियुरप्पा और योगी आदित्यनाथ के अलावा अपने सभी फायरब्रांड नेताओं को चुनाव मैदान में उतार दिया है. झारखंड से गये भाजपा के सांसद और विधायक भी इसी मिशन का हिस्सा हैं. निशिकांत दुबे, सुनील सिंह और बिरंची नारायण अबतक 50 से अधिक मठों और हिंदू संगठनों से संपर्क कर भाजपा के पक्ष में वोट देने की अपील कर चुके हैं. सांसद सुनील कुमार सिंह सेडम विधानसभा क्षेत्र के एकदण्डी मठ, कलबुर्गी ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के चन्नविशेश्वर विरक्त मठ, हर्षपुर के शक्तिपीठ, महालक्ष्मी पीठ और चरंती मठ समेत दर्जनों मठों में माथा टेक चुके हैं. बिरंची नारायण आलंद विधानसभा क्षेत्र के मल्लिनाथ आश्रम, कल्लेश्वर देवस्थान और बसवेश्वर मंदिर समेत कई मठों-मंदिरों में जाकर भाजपा के लिए आशीर्वाद मांगा है. वहीं सांसद निशिकांत दुबे सेडम विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों मठों में हाजिरी लगा चुके हैं. इसे भी पढ़ें -सीएम">https://lagatar.in/jdu-national-president-rajeev-ranjan-singh-met-cm-hemant-soren/">सीएमहेमंत सोरेन से मिले जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह, राजनीतिक हालात पर की चर्चा [wpse_comments_template]

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