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Koderma : दाखिल-खारिज पेंडिंग रखने पर 5 CO पर लगा 2.68 लाख का जुर्माना

Koderma : कोडरमा उपायुक्त ने राजस्व सेवा के पांच अधिकारियों पर कार्रवाई की है. दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों के निष्पादन में लापरवाही बरतने वाले कोडरमा जिले के पांच अंचल अधिकारियों (सीओ) पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है. राज्य सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदनों का निपटारा नहीं करने के कारण उपायुक्त ने पांचों अधिकारियों पर कुल 2 लाख 68 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया है. यह कार्रवाई ऑनलाइन पोर्टल पर लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा के बाद की गई.
 
कोडरमा जिले की खबरें

Koderma : कोडरमा उपायुक्त ने राजस्व सेवा के पांच अधिकारियों पर कार्रवाई की है. दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों के निष्पादन में लापरवाही बरतने वाले कोडरमा जिले के पांच अंचल अधिकारियों (सीओ) पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है. राज्य सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदनों का निपटारा नहीं करने के कारण उपायुक्त ने पांचों अधिकारियों पर कुल 2 लाख 68 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया है. यह कार्रवाई ऑनलाइन पोर्टल पर लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा के बाद की गई.


डीसी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 8 जुलाई तक ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज दाखिल-खारिज आवेदनों की समीक्षा की गई. जांच के दौरान पाया गया कि जिले के विभिन्न अंचलों में 274 दाखिल-खारिज मामले निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी लंबित पड़े थे. कई मामलों में किसी प्रकार की वैध आपत्ति या कानूनी बाधा नहीं थी, इसके बावजूद आवेदनों का निष्पादन नहीं किया गया.

 

इससे राज्य सेवा गारंटी अधिनियम का सीधा उल्लंघन सामने आया. समीक्षा में यह भी स्पष्ट हुआ कि कई आवेदन 30 दिनों से लेकर 180 दिनों तक बिना किसी ठोस कारण के लंबित रखे गए. जबकि राज्य सेवा गारंटी अधिनियम के तहत दाखिल-खारिज जैसे मामलों का निर्धारित समय के भीतर निष्पादन करना संबंधित अंचल अधिकारी की जिम्मेदारी है.


इन अधिकारियों पर लगाया गया जुर्माना

जिला प्रशासन ने लापरवाही की गंभीरता के आधार पर अलग-अलग अंचल अधिकारियों पर आर्थिक दंड लगाया है. जिला के कोडरमा सदर अंचल छोड़ अन्य सभी सीओ पर जुर्माना लगा है जिसमें जयनगर अंचल अधिकारी 95 हजार रुपये, चंदवारा अंचल अधिकारी – 75 हजार रुपये, डोमचांच अंचल अधिकारी – 49 हजार रुपये, मरकच्चो अंचल अधिकारी – 29 हजार रुपये, सतगावां अंचल अधिकारी – 20 हजार रुपये शामिल है.


उपायुक्त ने जताई नाराजगी

उपायुक्त ने समीक्षा बैठक में लंबित मामलों पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सेवा गारंटी अधिनियम का उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना है. दाखिल-खारिज जैसे महत्वपूर्ण राजस्व मामलों में अनावश्यक देरी से लोगों को आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. 

 

उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करें और भविष्य में निर्धारित समय सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें. साथ ही नियमित रूप से ऑनलाइन पोर्टल की निगरानी कर मामलों का समय पर निपटारा करने को कहा गया है.

 

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