New delhi : टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने पहली बार अपने कप्तानी छोड़ने के फैसले पर चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने बताया है कि आखिरी क्यों उन्होंने अचानाक यह फैसला लिया. कोहली ने इस फैसले का कारण बताते हुए महेंद्र सिंह धोनी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं आप कप्तान के तौर पर ही टीम को योगदान दें.टीम का नेतृत्वकर्ता नहीं होने के बावजूद टीम के लिए योगदान दिया जा सकता है. उन्होंने कहा कि नेतृत्वकर्ता होने के लिए किसी को टीम का कप्तान होना जरूरी नहीं है और अब भारतीय टीम का कप्तान नहीं होने के बाद वह टीम के मुख्य बल्लेबाज के रूप में और अधिक योगदान दे सकते हैं. इसे भी पढ़ें-आम">https://lagatar.in/jdu-not-happy-with-the-general-budget-said-upendra-kushwaha-bihar-was-disappointed/">आम
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भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान
मालूम हो कि इस महीने की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 1-2 से टेस्ट सीरीज गंवाने के बाद कोहली टेस्ट कप्तानी छोड़ दी थी. आंकड़ों पर नजर डालें तो वह भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान हैं. इससे पहले टी20 विश्व कप के बाद कोहली ने इस प्रारूप में भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ दी थी और बाद में वनडे टीम की कप्तानी भी उनसे ले ली गयी थी.कोहली ने कहा,‘‘सभी चीजों का एक कार्यकाल और समय होता है. बेशक आपको इसकी जानकारी होनी चाहिए. लोग कह सकते हैं कि ‘इस आदमी ने यह क्या कर दिया. लेकिन आपको पता है कि जब आप आगे बढ़ने तथा और अधिक उपलब्धियां हासिल करने के बारे में सोचते हो, आपको महसूस होता है कि आपने अपना काम कर दिया है. इसे भी पढ़े्ं-“डिजिटल">https://lagatar.in/dont-be-happy-without-knowing-the-consequences-of-digital-currency/">“डिजिटलकरेंसी” के परिणाम जाने बिना खुश मत होइए
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