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कोल्हान विश्वविद्यालय : कुलपति की नियुक्ति नहीं होने से कई कार्य प्रभावित

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Jamshedpur (Anand Mishra) : कोल्हान विश्वविद्यालय में करीब दो महीने से कुलपति का पद रिक्त है. कोल्हान के प्रमंडलीय आयुक्त प्रभारी कुलपति के रूप में विश्वविद्यालय की कमान संभाव रहे हैं. लेकिन नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार उनके पास नहीं है. इस वजह से विश्वविद्यालय में कई आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे हैं. विश्वविद्यालय की सिंडिकेट से लेकर एकेडमिक काउंसिल तक की मीटिंग नहीं हो पा रही है. इन बैठकों में विश्वविद्यालय से संबंधित नीतिगत व शैक्षणिक प्रस्ताव, निर्णय आदि लिये जाये हैं. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-police-campaign-against-drugs-intensifies-dozens-of-distilleries-destroyed/">जमशेदपुर

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कुलपति पद के लिए हो चुका है साक्षात्कार

विश्वविद्यालय में नये कुलपति की नियुक्ति के लिए राजभवन में साक्षात्कार हो चुका है. लेकिन राजभवन की ओर से अभी तक कुलपति पद के लिए कोई नियुक्ति नहीं की गयी है. हालांकि इस पद के लिए पूरे कोल्हान से कोई योग्य उम्मीदवार नहीं होने की वजह से किसी ने आवेदन नहीं किया था. क्योंकि पूरे कोल्हान विश्वविद्यालय में कोई भी प्रोफेसर स्तर के शिक्षक नहीं हैं. इस वजह से साक्षात्कार में जिन उम्मीदवारों ने भी किस्मत आजमायी है, वे अन्यत्र से ही हैं. इसे भी पढ़ें : मणिपुर">https://lagatar.in/manipur-violence-cbi-forms-team-of-53-officers-including-29-women-officers-for-investigation/">मणिपुर

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तीन शिक्षकों की पदस्थापना रुकी

विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति नहीं होने की वजह से तीन नवनियुक्त शिक्षकों की पदस्थापना रुकी हुई है. विश्वविद्यालय के एंथ्रोपोलॉजी विभाग को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) से तीन शिक्षक मिले हैं. इन शिक्षकों की अभी तक पदस्थापना नहीं हो सकी है. वजह यह है कि पदस्थापना के पूर्व सिंडिकेट की बैठक में संबंधित प्रस्ताव को लाना होता है. उसके बाद पदस्थापना की जाती है. चूंकि प्रभारी कुलपति सिंडिकेट की बैठक नहीं कर सकते क्योंकि उसमें नीतिगत निर्णय होते हैं. यही वजह है कि यह बैठक नहीं हो पा रही है. इसके अलावा विश्वविद्यालय में नयी शिक्षा नीति से संबंधित शैक्षणिक व अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं. [wpse_comments_template]

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