Kolkata : ईडी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर छापामारी के दौरान I-PAC और प्रतीक जैन के ठिकानों से दस्तावेज और डिजिटल डिवाईस ले जाने का आरोप लगाया है. ECL कोयला घोटाले में आठ जनवरी को हुई छापामारी के बाद ईडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में इसका उल्लेख किया गया है.
ईडी द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि नवंबर 2020 में ECL कोयला घोटाले में दर्ज ECIR के आलोक में आठ जनवरी 2025 को छापामारी की गयी. ईडी की टीम ने बंगाल में छह और दिल्ली में चार ठिकानों पर छापा मारा.
कोयला घोटाले की जांच के दौरान यह पया गया था कि अनुप माझी ECL के खदान में अवैध खनन करता था. अवैध तरीके से निकाले गये कोयले को बांकुड़ा, बर्धमान, पुरुलिया और बंगाल की फैक्ट्रियों में बेचेता था.
कोयले का एक बड़ा हिस्सा शाकंभरी ग्रुप ऑफ कंपनीज को बेचा गया था. जांच के दौरान पूरे प्रकरण में हवाला ऑपरेटरों के भी शामिल होने के सबूत मिले हैं.
ईडी द्वारा जारी जांच के दौरान इस बात की पुष्टि हुई है कि कोयले की अवैध कमाई की लेयरिंग के क्रम में एक हवाला ऑपरेटर ने इंडियन पैक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड(I-PAC) को करोड़ों रुपये के लेनदेन में मदद की थी.
ईडी द्वारा जारी छापामारी के दौरान साउथ कोलकाता के डिप्टी पुलिस कमिश्नर भी पहुंचे थे. उन्हें ईडी द्वारा की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी गयी.
कुछ देर बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी पहुंची. उनके पंहुचने के पहले तक ईडी की कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से चलती रहीं. ममता बनर्जी छापामारी के दौरान प्रतीक जैन के आवासीय परिसर में गयीं.
वह वहां से दस्तावेज और इलेट्रानिक डिवाइस सहित कुछ महत्वपूर्ण सबूत ले गयीं. इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला I-PAC के कार्यालय पहुंचा. वहां से मुख्यमंत्री और राज्य की पुलिस ने जबरन दस्तावेज और इलेक्ट्रानिक सबूत हटा दिया.
इससे ईडी द्वारा PMLA के तहत की जा रही कार्रवाई में बाधा पैदा हुई. ईडी द्वारा जारी विज्ञप्ति में यह भी कहा है कि इस छापामारी में किसी राजनीतिक संस्थान को निशाना नहीं बनाया गया है.
किसी पार्टी कार्यालय की तलाशी नहीं ली गयी है ना ही यह तलाशी किसी चुनाव से जुड़ी है. ईडी की कार्रवाई मनी लाउंड्रिंग की नियमित कार्रवाई का हिस्सा है.
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