प्लास्टिक के कण से मानव शरीर को नुकसान
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा निर्धारित विषय बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन अर्थात प्लास्टिक कचड़ा के प्रदूषण को हराना के संबंध में जानकारी साझा की. बताया कि हर व्यक्ति के शरीर में लगभग पचास हजार प्लास्टिक के कण विविध माध्यमों से प्रवेश करके उन्हें घातक परिणाम तक पहुंचा सकते हैं. इसलिए हम सबको सचेत हो जाना चाहिए. सरकार के द्वारा प्लास्टिक पर लगाए गए प्रतिबंध को पूर्ण रूप से लागू करने में अपना भरपूर योगदान देना चाहिए. इंदु प्रसाद ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया. सभा में बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें – 1929">https://lagatar.in/ranchi-had-194-reservoirs-in-1929-only-67-left/">1929में रांची में थे 194 जलाशय, बचे महज 67 [wpse_comments_template]
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