Ranchi : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा लैब असिस्टेंट पद के लिए वर्ष 2024 में आयोजित भर्ती प्रक्रिया (विज्ञापन संख्या 1/2023) से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई.
सुभाष कुमार दास की ओर से दायर लेटर पेटेंट अपील (LPA) में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में अनुपस्थित रहने के आधार पर उनकी उम्मीदवारी रद्द किए जाने को चुनौती दी गई थी.
मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने एकल पीठ के पहले के आदेश को बरकरार रखा और अपील को खारिज कर दिया. अदालत ने स्पष्ट किया कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर आयोग द्वारा लिया गया निर्णय उचित है.
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की कोर्ट ने कहा कि जेएसएससी ने सभी अभ्यर्थियों के लिए नोटिस निकालकर उन्हें डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में उपस्थित होने के लिए 13 सितंबर 2024 व 18 सितंबर 2024 को मौका दिया था.
प्रार्थी दोनों तिथियों में उपस्थित नहीं हुआ. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की पहली तिथि (13 सितंबर) में उपस्थित नहीं होने का कारण उसने 19 सितंबर को जेएसएससी को यह बताया था कि उसकी बहन की तबीयत खराब हो गई थी.
लेकिन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दूसरे मौके यानी 18 सितंबर के बारे में उसने किसी तरह का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया. जेएसएससी का स्पष्ट नोटिस था कि दोनों डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की तिथियों पर उपस्थित नहीं होने वाले की उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी.
जेएसएससी ने नोटिस के तहत, प्रार्थी के दोनों बार उपस्थित नहीं होने पर उसका कैंडिडेचर रद्द कर दी, इसलिए कोर्ट इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगा. जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावल एवं अधिवक्ता राकेश रंजन ने पक्ष रखा.
बता दें कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की अधियाचना के आधार पर जेएसएससी ने स्कूलों में लैब असिस्टेंट के 700 पद के लिए विज्ञापन संख्या 1/ 2023 निकला था. इन पदों पर नियुक्ति को लेकर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हुआ था.
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