New Delhi : देशभर के गिग वर्कर्स के लिए अच्छी खबर है. 10 मिनट के अंदर डिलीवरी वाली शर्त अब हटा दी गयी है. खबर है कि केंद्र सरकार ने डिलीवरी ब्वॉयज की सुरक्षा को ध्यान मे रखते हुए टाइम(10 मिनट) लिमिट की शर्त हटाने का आदेश जारी किया है.
'No more 10-minute delivery': Quick commerce players do away with deadline after labour minister intervenes
— ANI Digital (@ani_digital) January 13, 2026
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जानकारी के अनुसार श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस मामले में हस्तक्षेप किया. इसके बाद क्विक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट(Blinkit) ने अपने सभी ब्रांड से 10 मिनट में डिलीवरी वाला दावा हटा दिया. सूत्रों का कहना है कि Blinkit जल्द ही अपने विज्ञापनों और प्रचार सामग्री से भी 10 मिनट में डिलीवरी का दावा हटा लेगी
दरअसल केंद्रीय श्रम मंत्री ने ब्लिंकिट सहित जेप्टो, स्विगी और जोमैटो आदि कंपनियों के प्रतिनिधियों से बात कर उन्हें डिलीवरी ब्यॉज की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया.
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया इन कंपनियों के अधिकारियों से कहा कि वे अपने ब्रांड के प्रचार में तय समय सीमा वाली डिलीवरी का वादा हटायें. सरकार ने चिंता जताई कि बहुत कम समय में डिलीवरी का वादा डिलीवरी ब्वॉयज पर अनावश्यक दबाव डालने और उनकी सुरक्षा को खतरे में डालने वाला है.
याद करें कि देशभर में 25 और 31 दिसंबर को गिग और डिलीवरी कर्मचारियों(डिलीवरी ब्वॉयज) ने हड़ताल की थी. श्रमिक यूनियनों ने आरोप लगाया था कि कंपनियां असुरक्षित डिलीवरी मॉडल पर चल रही हैं और कर्मचारियों की कमाई घटा रही हैं. कंपनियां गिग वर्कर्स को पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा नहीं दे रही हैं. हड़ताल के बाद मामले पर केंद्र सरकार का ध्यान गया.
सूत्रों का कहना है 10 मिनट डिलीवरी का टैग हटाये जाने का अर्थ यह नहीं है कि डिलीवरी देर से होगी. इससे कंपनियां अपने प्रचार में निश्चित समय का वादा करने से किनारा करेगी, ताकि कर्मचारियों पर काम करने का इतना दबाव न हो कि वे असुरक्षित तरीका अपनाने को विवश हो जायें.
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