Ranchi : JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित धांधली मामले में अभय तिवारी के नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. जानकारी के अनुसार, पलामू का छतरपुर निवासी संतोष कुमार अभय तिवारी के लिए काम किया करता था. उसका काम अभ्यर्थियों से संपर्क करना, उन्हें जोड़ना और पैसों के लेन-देन में भूमिका निभाना था. सूत्रों के अनुसार, पलामू इलाके में अभय तिवारी के नेटवर्क को सक्रिय रखने की जिम्मेदारी संतोष कुमार सिंह संभालता था.
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स्थानीय लोगों के अनुसार, संतोष कुमार सिंह को इलाके में सेटर के रूप से भी जाना जाता है. वह पलामू जिले के छतरपुर का रहने वाला है. वर्ष 2021 में JSSC के माध्यम से संतोष कुमार सिंह का चयन हाई स्कूल शिक्षक के पद पर हुआ था. वर्तमान में वह हाई स्कूल शिक्षक के रूप में कार्यरत है.
सूत्रों के अनुसार, संतोष कुमार सिंह की नियुक्ति में इस्तेमाल किए गए दिव्यांग प्रमाणपत्र को लेकर भी जांच की जा रही है. सीआईडी पूरे मामले की जांच कर रही है.
अभय तिवारी के नेटवर्क की जांच कर रही CID
JPSC घोटाले मामले में CID की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. गिरफ्तार आरोपियों में श्वेता कुमारी गुप्ता (उप-परीक्षा नियंत्रक, JPSC), रामवीर सिंह (निदेशक, TSR Data Processing Private Limited), मो. उस्मान, मो. एबाद, अभय कुमार तिवारी, हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह और संजय कुमार शामिल हैं.
CID ने आरोपियों से पूछताछ के लिए कोर्ट से रिमांड लिया है. अभय तिवारी समेत पांच आरोपियों को पांच दिनों की रिमांड पर लेकर CID पूछताछ कर रही है. पूछताछ के दौरान 17 से अधिक लोगों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है.
CID इस बात की जांच कर रही है कि JPSC परीक्षा में कथित धांधली का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे. जांच एजेंसी अभय तिवारी के संपर्कों, अभ्यर्थियों से संपर्क, पैसों के लेन-देन और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. अब CID की पूछताछ के बाद इस मामले में और कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
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