Ranchi: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के रोज नए खुलासे हो रहे हैं. एक सूत्र ने यह दावा किया है कि कुंदन कुमार नामक अभ्यर्थी ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में सेटिंग करके सफलता हासिल किया. इतना ही नहीं सेटिंग के जरिये वह अपने भाई समेत करीब 20 लोगों को भी नौकरी दिलवाने में सफल रहा. सीजीएल परीक्षा की जांच कर रही सीआईडी की टीम इस दावे की पड़ताल कर रही है.
सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी करने-कराने के आरोप में अब तक सीआईडी सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और करीब डेढ़ सौ लोगों से पूछताछ की जा चुकी है. सीआईडी को मिली जानकारी में बताया गया है कि कुंदन कुमार ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी करने के मास्टरमाइंड मिथिलेश सिंह के जरिये सारी सेटिंग की थी. इसमें करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ था.
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सूत्रों ने बताया कि कुंदन कुमार पर आरोप है कि उसने JSSC-CGL में 20 से अधिक अभ्यर्थियों की सेटिंग कराई. इनमें कई अभ्यर्थी परीक्षा पास करने के बाद अलग-अलग सरकारी पदों पर कार्यरत हैं. सीआईडी को एक पत्र के जरिये मिली जानकारी के आधार पर अब इन सभी नामों और उनकी परीक्षा प्रक्रिया की जांच शुरु हो गई है.
सीआईडी को जो पत्र मिला है, उसके बारे में सूत्रों ने बताया कि उसमें कुछ अभ्यर्थी का नाम का जिक्र किया गया है, जिनमें एक का नाम रवि ... है, वह रांची में एक विभाग में पदस्थापित है. इसी तरह विकास कुमार वर्तमान में बीएसओ पद पर है, वहीं धर्मेंद्र कुमार LEO के पद पर कार्यरत बताया जा रहा है. इन अभ्यर्थियों की JSSC-CGL परीक्षा में सफलता और कुंदन कुमार से उनके कथित संबंधों की जांच करने का आग्रह पत्र में किया गया है.
भाई को भी JSSC में JE बनाने का आरोप
पत्र में सबसे बड़ा आरोप यह है कि कुंदन कुमार ने कथित सेटिंग के जरिए सिर्फ अपने लिए नौकरी हासिल नहीं की, बल्कि अपने भाई को भी JSSC की परीक्षा में जूनियर इंजीनियर के पद पर नौकरी दिलाने में भूमिका निभाई. जो अभी गढ़वा में काम कर रहा है.


