- JPSC-JSSC घोटाले के मास्टरमाइंड मिथिलेश सिंह की 300 करोड़ की संपत्ति का फोटो ने खोला राज
Ranchi News : JPSC-JSSC घोटाले की जांच के बीच कथित परीक्षा माफिया मिथिलेश सिंह की संपत्ति को लेकर एक शिकायत की गई है. इसमें अटैच की गई तस्वीरों और दस्तावेजों में दिल्ली में नए मकान और फ्लैट का उल्लेख है. दस्तावेज में दावा किया गया है कि प्रश्न-पत्र लीक और OMR में कथित छेड़छाड़ के जरिए अर्जित रकम से मिथिलेश सिंह और उसके सहयोगियों ने देश के कई हिस्सों में करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई है.
शिकायत में मिथिलेश सिंह उर्फ आर के सिंह को अभय कुमार तिवारी का गुरु और कथित परीक्षा माफिया नेटवर्क का प्रमुख कर्ताधर्ता बताया गया है. आरोप है कि मिथिलेश सिंह और उसके सहयोगियों ने अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्न-पत्र लीक कराने और OMR में कथित हेरफेर के जरिए अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया. शिकायतकर्ता ने पूरे नेटवर्क के जरिए 300 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित करने का दावा किया है.

मिथिलेश सिंह का दिल्ली में फ्लैट
दिल्ली के नए फ्लैट की तस्वीर से उठे सवाल
शिकायत के साथ सामने आई तस्वीरों में दिल्ली की संपत्ति का भी जिक्र है. दावा किया गया है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुटाई गई रकम को अलग-अलग शहरों में जमीन, मकान और फ्लैट खरीदने में लगाया गया. दिल्ली के अलावा रांची और अन्य शहरों में भी संपत्तियां होने का आरोप लगाया गया है.
पटना में B.Ed कॉलेज, पुणे में होटल होने का दावा
शिकायत में मिथिलेश सिंह और उससे जुड़े लोगों की संपत्तियों का ब्यौरा देते हुए बिहार में B.Ed कॉलेज, रांची में जमीन और फ्लैट, दिल्ली में मकान व जमीन और मुंबई में फ्लैट व कार्यालय होने का दावा किया गया है. इसके अलावा हरियाणा और राजस्थान में भी जमीन होने का उल्लेख है. शिकायतकर्ता ने पुणे में होटल की संपत्ति होने का भी दावा किया है.

मिथिलेश सिंह का पटना में बीएड कॉलेज
700 से अधिक अभ्यर्थियों तक पेपर पहुंचाने का आरोप
शिकायत में वर्ष 2022 में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की जूनियर इंजीनियर परीक्षा का भी उल्लेख है. आरोप है कि परीक्षा से करीब तीन दिन पहले प्रश्न-पत्र लीक कर बिहार और झारखंड के करीब 700 अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया था. हालांकि प्रश्न-पत्र वायरल होने के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी.
शिकायत में इस मामले में मिथिलेश सिंह और उसके नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है. इसके अलावा वर्ष 2024 में आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा का प्रश्न-पत्र भी लीक कराने का आरोप लगाया गया है. शिकायतकर्ता का दावा है कि प्रश्न-पत्र लीक होने के बाद परीक्षा को रद्द करना पड़ा.
कई राज्यों की परीक्षाओं से नेटवर्क जोड़ने का दावा
दस्तावेज में बिहार, झारखंड, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और तेलंगाना समेत कई राज्यों की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और गड़बड़ी का उल्लेख है. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यह नेटवर्क लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं को प्रभावित कर अभ्यर्थियों से पैसे वसूलने का काम करता रहा है.
शिकायत में अरुण कुमार से जुड़े पुराने मामलों का भी उल्लेख किया गया है. इसमें वर्ष 2017 की बिहार में NTPC परीक्षा के प्रश्न-पत्र लीक और वर्ष 2019 में बिहार सिपाही भर्ती से जुड़े कथित आर्थिक गड़बड़ी के मामले का जिक्र है. दस्तावेज में मिथिलेश सिंह के खिलाफ विभिन्न राज्यों में दर्ज कथित मामलों का भी उल्लेख किया गया है.

मिथिलेश ने अर्जित की 300 करोड़ की संपत्तियां
300 करोड़ की संपत्ति का दावा, जांच में खुलेगा राज
शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि प्रश्न-पत्र लीक और परीक्षा में कथित छेड़छाड़ से अर्जित रकम से मिथिलेश सिंह और उसके नेटवर्क ने 300 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की है. इसमें दिल्ली, रांची, बिहार, मुंबई, पुणे, राजस्थान और हरियाणा में जमीन, मकान, फ्लैट, होटल और अन्य व्यावसायिक संपत्तियों का उल्लेख किया गया है.
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