Ranchi : JPSC-JSSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में ICN इंडिया के निदेशक मिथिलेश सिंह की कथित गिरफ्तारी को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. सीआईडी अधिकारियों ने फिलहाल मिथिलेश सिंह की गिरफ्तारी से इनकार किया है. सीआईडी का कहना है कि मिथिलेश सिंह को गिरफ्तार नहीं किया गया है. वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मिथिलेश सिंह को कल (13 अगस्त) दिल्ली से सादे लिबास में पहुंचे चार लोगों ने पकड़ा.
सूत्रों के अनुसार, मिथिलेश सिंह और अभय तिवारी के बीच काफी पुराना संबंध रहा है. जांच से जुड़े सूत्र मिथिलेश सिंह को अभय तिवारी का गुरु बता रहे हैं. आरोप है कि परीक्षा से जुड़े काम और कथित गड़बड़ी के नेटवर्क में दोनों की भूमिका अहम रही है.
झारखंड नहीं, पूरे देश तक फैला था नेटवर्क
जांच में सामने आ रहे इनपुट के मुताबिक, यह कथित परीक्षा सिंडिकेट सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका नेटवर्क देश के अलग-अलग राज्यों तक जुड़ा हुआ था. अलग-अलग राज्यों में होने वाली भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों, बिचौलियों और अन्य माध्यमों के जरिए कथित तौर पर नेटवर्क सक्रिय होने की बात सामने आ रही है.
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में मिथिलेश सिंह और अभय तिवारी के अलावा कौन-कौन लोग जुड़े थे और अलग-अलग परीक्षाओं में उनकी क्या भूमिका थी.
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बिचौलियों, अधिकारियों और अभ्यर्थियों के नाम सामने आने की संभावना
अभय तिवारी से पूछताछ, गिरफ्तार आरोपियों के बयानों और परीक्षा संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच के आधार पर सीआईडी कथित सिंडिकेट की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है. जांच आगे बढ़ने पर इस नेटवर्क से जुड़े बिचौलियों, अधिकारियों और अभ्यर्थियों के नाम भी सामने आने की संभावना है.
फिलहाल मिथिलेश सिंह की गिरफ्तारी को लेकर सीआईडी के आधिकारिक बयान और सूत्रों से मिली जानकारी में विरोधाभास है. सीआईडी गिरफ्तारी से इनकार कर रही है, जबकि सूत्र हिरासत में लिए जाने का दावा कर रहे हैं. ऐसे में उनकी वास्तविक स्थिति को लेकर तस्वीर आधिकारिक पुष्टि के बाद ही साफ होगी.
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