Ranchi : जेपीएससी घोटाला मामले प्रतिदिन नयी परते खुल रही हैं. घोटाले का मास्टरमाइंड अभय तिवारी अभी सीआईडी के रिमांड पर है. सीआईडी गुप्त तरीके से पूछताछ कर रही है और उस आधार पर आरोपियों की धड़पकड़ हो रही है. पर ‘लगातार न्यूज’ को मिले सूत्रों के अनुसार अभी अभय तिवारी का मुख्य एजेंट उमाकांत और "हिनू ग्रुप " सीआईडी की पहुंच से बाहर है.
अभय तिवारी का हिनू ग्रुप प्रतियोगी परीक्षा में क्लाइंट के रूप में कैंडिडेट जुगाड़ करने का मुख्य स्रोत था. ग्रुप के सदस्य पूरी तरह से विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा में कैंडिडेट का जुगाड़ करते थे. इनके जिम्मे कैंडिडेट से मूल प्रमाण पत्र लेना, चेक लेना और परीक्षा सफलता पूर्वक संपन्न होने के बाद तय राशि वसूलना. कोकर इलाके में रहने वाला उमाकांत सबसे अधिक क्लाइंट अभय तिवारी को देता था.
सूत्र बताते हैं कि परीक्षा से पहले एडवांस के तौर पर मोटी रकम अभय को देकर कई सीटें सुरक्षित कर लेता था. इसके अलावा हिनू ग्रुप के सचिन कुमार, सुमित तिवारी, राहुल कुमार (डेहरी), दीपक यादव, राहुल कुमार आदि मुख्य रूप से अभय तिवारी के सिंडिकेट में कार्य करते थे. अभी सब के सब अंडरग्राउंड हैं पर सीआईडी इनमें से किसी को भी बुलाकर पूछताछ करे तो बड़े मामले का खुलासा हो सकता है.
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