Ranchi: जमीन घोटाला मामले में आईएएस छवि रंजन गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ऑफिस पहुंचे थे. जिसके बाद उनसे ईडी के अधिकारियों ने दस घंटे तक पूछताछ की. इसके बाद संतोषजनक जवाब नहीं देने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान ईडी के द्वारा छवि रंजन से हेहल अंचल के बजरा मौजा के 7.16 एकड़ जमीन की घेराबंदी उसके दस्तावेज रजिस्ट्री कार्यालय से गायब पाये जाने के मामले को लेकर पूछताछ की. इसे पढ़ें- रांची">https://lagatar.in/four-laning-work-of-circular-road-has-stopped-due-to-the-slowness-of-the-electricity-department/">रांची
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जवाब से संतुष्ट नहीं हुए ईडी अधिकारी
इस मामले में छवि रंजन के जवाब से ईडी अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए. इसके अलावा छवि रंजन से सेना के कब्जेवाली जमीन के अलावा चेशायर होम रोड की जमीन की खरीद बिक्री मामले में भी उनकी भूमिका के बारे में पूछताछ की गई. ईडी के द्वारा किए गए अधिकतर सवालों के जवाब छवि रंजन सही से नहीं दे पाए. जिसके बाद ईडी ने छवि रंजन को गिरफ्तार कर लिया. इससे पहले ईडी ने आईएएस छवि रंजन को एक मई को ईडी ऑफिस में उपस्थित होने को कहा था. लेकिन ईडी द्वारा बीते 28 अप्रैल को दोबारा भेजे समन में चार मई को ईडी ऑफिस में उपस्थित होने को कहा था. इसे भी पढ़ें- नीति">https://lagatar.in/ramgarh-district-ranks-second-in-the-country-in-delta-ranking-of-niti-aayog/">नीतिआयोग के डेल्टा रैंकिंग में रामगढ़ जिले को पूरे देश में दूसरा स्थान
गिरफ्तार अभियुक्तों से आमने-सामने पूछताछ
ईडी ने बीते 24 अप्रैल को छवि रंजन से पूछताछ की थी. इस दौरान उनसे सबसे पहले उनसे सेना के कब्जेवाली जमीन की खरीद बिक्री में उनकी भूमिका से संबंधित सवाल पूछे गए थे. इसके बाद उनके खिलाफ बड़गाईं के अंचल अधिकारी मनोज कुमार द्वारा लगाये गये आरोपों के बारे में पूछा. सीओ मनोज कुमार ने पूछताछ में ईडी को बताया था कि उसे प्रदीप बागची द्वारा अंचल कार्यालय में जमा किए गए दस्तावेज पर संदेह था. लेकिन छवि रंजन द्वारा भारी दबाव व दंडित करने की धमकी देने के बाद प्रदीप बागची के पक्ष में रिपोर्ट भेजी गई. इसके बाद जमीन की रजिस्ट्री हुई. वहीं छवि रंजन ने इन आरोपों का खंडन किया और सेना की जमीन की खरीद-बिक्री के मामले में सीओ सहित वहां के कर्मचारियों को दोषी बताया. हालांकि वह दस्तावेज में जालसाजी कर सेना के कब्जेवाली जमीन की खरीद बिक्री के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के आमने-सामने पूछताछ के दौरान ईडी के सवालों में उलझ गये. कुछ सवालों के जवाब में टाल मटोल और कुछ में चुप्पी साध कर उन्होंने इस पूरे प्रकरण में अपनी संदेहास्पद भूमिका को यकीन में बदल दिया. इसे भी पढ़ें- सीएम">https://lagatar.in/at-the-behest-of-the-cm-the-speaker-confused-the-matter-of-the-leader-of-the-opposition-babulal/">सीएमके इशारे पर स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष का मामला उलझाया : बाबूलाल
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