Ranchi: राजधानी रांची इन दिनों आंदोलनों का केंद्र बना हुआ है. बीते दिनों धनबाद और बोकारो में भाषा आंदोलन जोरों पर रहा था. इसे लेकर खोरठा भाषा के आंदोलनकारी युवा धनबाद के महूदा से पदयात्रा कर रांची पहुंचे. धनबाद से रांची आने के क्रम में बीआईटी में पुलिस ने इन्हें रोक दिया, फिर कुछ समय बाद छोड़ दिया. ये आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर सीएम से मिलने की बात कह रहे हैं. इसे भी पढ़ें-कोरोना">https://lagatar.in/despite-corona-30-percent-increase-in-per-capita-income-in-jharkhand-reached-rs-53489/">कोरोना
के बावजूद झारखंड में प्रति व्यक्ति आय में 30 प्रतिशत की वृद्धि, पहुंची 53,489 रुपये
काउंसिल के निर्देश पर झारखंड के निजी फार्मेसी कॉलेजों का इंस्पेक्शन शुरू
के बावजूद झारखंड में प्रति व्यक्ति आय में 30 प्रतिशत की वृद्धि, पहुंची 53,489 रुपये
आंदोलनकारियों ने क्या कहा
खोरठा भाषी आंदोलनकारियों ने कहा कि भोजपुरी और मगही भाषा को लागू किया गया फिर भारी विरोध के बाद हटा दिया गया. मगही और भोजपुरी भाषा को तो बोकारो और धनबाद में होने वाली 10वीं और 12वीं स्तर की प्रतियोगिता परीक्षा से हटाया गया लेकिन हमारी मांग है कि झारखंड में होने वाली हर परीक्षा से भोजपुरी और मगही को हटाया जाये. इसे भी पढ़ें-फार्मेसी">https://lagatar.in/inspection-of-private-pharmacy-colleges-of-jharkhand-started-on-the-instructions-of-pharmacy-council/">फार्मेसीकाउंसिल के निर्देश पर झारखंड के निजी फार्मेसी कॉलेजों का इंस्पेक्शन शुरू
Leave a Comment