Search

 
 
 

लातेहार: महुआडांड़ के SDM व CO पर भ्रष्टाचार के आरोप, लोकभवन के समक्ष आमरण अनशन

लातेहार के महुआडांड़ प्रखंड में कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक मनमानी के विरोध में आज लोकभवन के पास आमरण अनशन शुरू किया गया. समाजसेवी बलराम प्रसाद अपने परिवार और समर्थकों के साथ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं.
 

Ranchi : लातेहार के महुआडांड़ प्रखंड में कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक मनमानी के विरोध में आज लोकभवन के पास आमरण अनशन शुरू किया गया. समाजसेवी बलराम प्रसाद अपने परिवार और समर्थकों के साथ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं.

Uploaded Image

 

अनशनकारियों ने महुआडांड़ के अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) विपिन कुमार दुबे और अंचल अधिकारी (CO) संतोष बैठा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इस संबंध में 15 सूत्रीय आरोप पत्र भी जारी किया गया है, जिसमें दोनों अधिकारियों पर पद के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार और आम जनता, विशेषकर आदिवासी समुदाय के शोषण के आरोप लगाए गए हैं.

Uploaded Image

 

बलराम प्रसाद ने आरोप लगाया है कि प्रखंड में एनजीटी के नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध बालू उत्खनन जारी है और इसमें अधिकारियों की मिलीभगत है. बालू कारोबारियों से 70 हजार से 1 लाख रुपये तक की अवैध वसूली का भी आरोप लगाया गया है.

Uploaded Image

 

साथ ही ‘ईको सेंसिटिव जोन’ का भय दिखाकर ईंट भट्ठा संचालकों से पैसे वसूले जा रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्षेत्र में संचालित 46 अवैध भट्ठों में से केवल एक पर ही कार्रवाई क्यों की गई.

Uploaded Image


आरोप पत्र में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कराने और दलालों के माध्यम से भूमि विवादों में पैसे वसूलने का भी जिक्र है. ओरसापाठ गांव की कुछ जमीनों पर अवैध बाउंड्री कराने और नेतरहाट क्षेत्र में ‘वुल्फ सैंक्चुअरी’ के नाम पर आदिवासी जमीन कब्जाने की कोशिश का आरोप लगाया गया है.

Uploaded Image

 

इसके अलावा, निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली ईंटों पर भी भारी रकम की मांग और पैसे नहीं देने पर कार्रवाई करने जैसे आरोप लगाए गए हैं. बलराम प्रसाद ने दावा किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ इनाम घोषित किया गया और सुलह के नाम पर दलालों के जरिए पैसे की मांग की गई.

 

अनशनकारियों का कहना है कि पूर्व में भी कई शिकायतें और मानवाधिकार याचिकाएं दी गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. बलराम प्रसाद ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा.

 

आरोपों की स्पष्टीकरण करते हुए SDM विपिन कुमार दुबे ने बताया कि बलराम प्रसाद की आरोप झूठ और बेबुनियाद है. मामले को विस्तार से बताते हुए विपिन दुबे ने बताया कि सरकारी जमीन पर कब्जा कर चिमनी भट्टा चलाते थे फिर बाद में बंगला भट्टा चलाना शुरू किए. जिसके लिए SDM द्वारा बलराम प्रसाद को नोटिस भेजा गया, स्थिति की स्पष्टीकरण के लिए जिसका प्रसाद ने कोई जवाब नहीं दिया.

 

निजी कार्य हेतु अगर भट्टा लगाया जाता है तो स्थानीय अंचल अधिकारी और थाना को इतिलाह करना होता है कि अपने रैयती खाता प्लॉट पर कर रहे है, जो प्रसाद ने नहीं किया और अपना व्यापार शुरू कर दिया. सरकारी जमीन पर बिजनेस के लिए शुरू किया गया था ये भट्टा इसीलिए इसको सील किया गया.

 

वुल्फ सैंक्चुअरी के नाम पर जमीन कब्जा की बात को भी झूठा आरोप बताते हुए SDM ने कहा कि ये कब्जा कहा हुआ है. ये बलराम प्रसाद बताए. यदि आदिवासी की जमीन का कब्जा किया जाता तो दोबारा उस क्षेत्र में उन्हें SDM बनाकर नहीं भेजा जाता. 

 

SDM ने बताया कि क्षेत्र के आदिवासी जिनका जमीन कब्जा किया गया था उसे वापस कराने का काम भी SDM ने किया, तो ऐसे में आदिवासी जमीन पर कब्जा करने का सवाल ही नहीं. आरोप सरासर झूठे हैं. बलराम प्रसाद ने ना तो भेजे गए नोटिस का जवाब दिया है और जब भट्ठे पर जांच के लिए गए तब भी बलराम प्रसाद उपस्थित नहीं थे, तब जाकर सभी चीजों को सील किया गया.

 

साथ-साथ अधिकारी ने ये भी बताया कि प्रसाद के द्वारा कब्जा किए गए सरकारी जमीन का अतिक्रमण होना है जिस वजह से दबाव बनाने के लिए उन्होंने धरना देना शुरू किया है. अपनी बातों को रखते हुए SDM विपिन कुमार दुबे ने साक्ष्य भी प्रदान किए हैं.

 

बलराम प्रसाद बिहार औरंगाबाद के रहने वाले है, यहां आकर सरकारी जमीन पर बंदोबस्ती के बहाने कब्जा किये है. SDM का कहना है कि बलराम प्रसाद पर मानहानि का मुकदमा बहुत जल्दी करेंगे.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही