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लातेहार : पहले थे कुष्ठ रोगी, अब निरोग होकर लोगों को करेंगे जागरूक

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Ashish Tagore Latehar: कहते हैं कि जहां चाह है वहां राह है. जिले के कई ऐसे कुष्ठ रोगी हैं जो कुष्ठ रोग के कारण दिव्यांग हो चुके थे लेकिन अब वे इस रोग को हरा कर पूर्णत: स्वस्थ्य हो चुके हैं. अगर वे हिम्मत हार कर बैठ जाते तो संभव था इस रोग से मुक्त नहीं हो पाते. लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक एवं सलाहकारों की बात मानी और आज वे पूर्ण रूप से स्वस्थ्य हैं. अब वे नि:कुष्ठ मित्र बन कर कुष्ठ रोगियों को जागरूक करेंगे. इससे न सिर्फ कुष्ठ रोगियों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी जायेगा. दो कुष्ठ रोगियों को दिव्यांगता से मुक्ति मिली. जिला कुष्ठ उन्मूलन विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में दो कुष्ठ रोगियों का रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी करवा कर उन्हें दिव्यांगता से मुक्त किया है. इनमें सदर प्रखंड के नावागढ़ पंचायत की पुनम कुमारी एवं राजहार निवासी लूल्हा भुइयां शामिल है. इसे भी पढ़ें-धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-dc-inspected-jpsc-exam-centers/">धनबाद

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जिले में 258 कुष्ठ रोगी, 170 का सफल इलाज

शनिवार को सिविल सर्जन डॉ अवधेश सिंह एवं जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ शोभना टोप्पो ने उन्हें नि:कुष्ठ मित्र घोषित कर प्रमाण पत्र प्रदान किया. पूनम कुमारी ने कुष्ठ विभाग के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है. उसने कहा कि जिस प्रकार वह कुष्ठ रोग से मुक्त हुई है, उसी प्रकार दूसरों को भी प्रेरित करेगी. लूल्हा भूइंया अपने मुहल्ले में कुष्ठ रोगियों को इलाज के लिये हमेशा प्रेरित किया करते है. इनके प्रयास से जिला मुख्यालय के राजहार मुहल्ले में कुष्ठ रोगियों की खोज करने में काफी सहायता मिली है. जिला कुष्ठ निवारण विभाग के अवकाश प्राप्त नंदू उरांव ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में कुष्ठ रोगियों का पहचान कर इलाज के लिये भेजने का कार्य कर रहे हैं. नंदू उरांव को सिविल सर्जन डॉ अवधेश सिंह ने शॉल भेंट कर सम्मानित किया. उन्होनें कहा कि यदि थोड़े से प्रयास से कोई कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति दिव्यांग होने से बच जाता है तो इससे बड़ी मानव सेवा और कोई नहीं हो सकता है. उन्होने कहा कि यदि गांव-समाज में कोई कुष्ठ रोगी मिलता है तो उसकी जानकारी विभाग को दें. कुष्ठ रोगियों से छुआछूत की भावना नहीं रखें और अपने समाज का अंग समझ कर उसके साथ मित्रवत व्यवहार करें. उन्होने बताया कि जिले में अब तक कुल 258 रोगी इलाजरत है. इनमें 170 रोगियों का अब तक सफल इलाज कुष्ठ निवारण विभाग के द्वारा किया जा चुका है. इसे भी पढ़ें-चांडिल">https://lagatar.in/chandil-real-face-of-development-visible-after-release-of-election-notification/">चांडिल

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