Latehar: पांच लाख रूपये का इनामी जेजेएमपी सब जोनल कमांडर सुरेंद्र लोहरा उर्फ टाइगर जी उर्फ विनोद लोहरा (मांजर, लातेहार) ने गुरूवार को पुलिस के समक्ष आत्मसपमर्ण कर दिया है. उसने पलामू आइजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा, पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव और सीआरपीएफ के 11 वीं बटालियन के कमाडेंट यादराम बुनकर के समक्ष आत्मसमपर्ण किया. इस दौरान आईजी शैलेंद्र सिन्हा व अन्य पुलिस अधिकारियों ने सुरेंद्र लोहरा का माल्यापर्ण किया और बुके भेंट कर समाज के मुख्यधारा में लौटने का स्वागत किया.

पांच लाख रूपये का इनामी जेजेएमपी सब जोनल कमांडर सुरेंद्र लोहरा
उन्होंने उसे पांच लाख रूपये का प्रतीकात्मक चेक भी सौंपा. मौके पर आईजी शैलेंद्र सिन्हा ने पुलिस अधीक्षक व सीआरपीएफ के 11वीं के कमाडेंट को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि संयुक्त प्रयास से ही यह उपलब्धि हासिल हो पायी है. उन्होंने सुरेंद्र लोहरा के परिवार वालों को भी धन्यवाद दिया. उन्होंने अन्य बचे उग्रवादी व नक्सलियों से सरकार की नयी दिशा का लाभ लेकर आत्समपर्ण करने और सरकारी सुविधाओं का लाभ लेकर एक शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत करने की अपील की.
आईजी ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2025 में 23 उग्रवादी व नक्सलियों का आत्मसमपर्ण कराया गया है. इसमें जेजेएमपी का पांच लाख रूपये का सबजोनल कमांडर लवलेश गंझू, दो लाख का इनामी प्रमोद गंझू, एक लाख का इनामी पलेंद्र गंझू व तुलसी गंझू के अलावा नवंबर 2025 में जेजेएमपी के कुल 11 उग्रवादियों का एक साथ आत्मसपमर्ण कराया गया था.
सुरेंद्र लोहरा पर लातेहार, चंदवा व हेरहंज थाना में कुल आठ मामले संगीन धाराओं में दर्ज हैं. सुरेंद्र लोहरा ने पत्रकारों को बताया कि वह सरकार की आत्मसमपर्ण व पुर्नवास नीति से प्रभावित होकर सरेंडर किया है. सुरेंद्र लोहरा पिछले 20 वर्षों से माओवादी व जेजेएमपी संगठन के साथ रहा है. माओवादियों के साथ रहते हुए उसने कई घटनाओं को अंजाम दिया था.
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