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लातेहार : मनीष ने लातेहार से जीवन यात्रा का किया शुभारंभ, देंगे पर्यावरण संरक्षण का संदेश

  • नेतरहाट के आदिम जनजाति परिवारों के उत्थान के लिए काम कर रहे मनीष, 
  • नेतरहाट को अपनी कर्म भूमि बनाया
  • झारखंड के 24 जिलों के 50 शहरों की करेंगे यात्रा 
Ashish Tagore Latehar : कहते हैं कि अगर में कुछ करने की ललक व दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो सफलता जरूर हाथ लगती है. या इसे यूं कहा जा सकता है कि अगर उद्देश्य नेक व समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए हो तो उस काम की प्रशंसा हर ओर होती है. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है मनीष कुमार ने. नेतरहाट आवासीय विद्यालय से पास आउट मनीष कुमार मूलत: गुमला के विशुनपुर प्रखंड के रहने वाले हैं. नेतरहाट से उनका गहरा लगाव है. स्कूल से निकलने के बाद मनीष ने दिल्ली में एक स्वयंसेवी संस्था विकिरण की स्थापना की. उन्होंने संस्था के माध्यम से नेतरहाट के आदिम जनजाति समुदाय के लोगों के लिए काम करना शुरू किया. शुभम संदेश से विशेष बातचीत के दौरान मनीष ने बताया कि नेतरहाट एवं आसपास के इलाकों को उन्होंने अपनी कर्मभूमि के रूप में चुना है. इन इलाकों में असुर और बिरिजिया जैसी आदिम जनजातियां कम से कम पिछले दो हजार सालों से निवास कर रही है. यह जनजाति अपने छोटे और अनुपजाऊ खेतों पर पुराने तरीकों से खेती करती है. कमोबेश खेती और जंगलों से मिलने वाले फल वगैरह ही इनके आजीविका का साधन है. विकिरण संस्था उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य के अलावा उनके आजीविका के साधनों पर भी कार्य कर रही है. इन परिवारों की आय के दूसरे स्रोत बनाना बहुत जरूरी है. इसी दिशा में पहल करते हुए संस्था के द्वारा पिछले वर्ष नेतरहाट के ताहिर और बटुआटोली गांव में 850 फलदार पौधे लगाये. यह पायलट प्रोजेक्ट काफी सफल रहा. मनीष ने बताया कि हमारा अगला लक्ष्य है नेतरहाट के आदिम जनजातीय घरों में एक लाख फलदार पौधे लगाना. इनमें आम, लीची, नाशपाती, अमरूद, पपीता, नींबू, आंवला और बेर के पेड़ शामिल होंगे. इन फलों के उत्पादन से इन परिवारों की वार्षिक आय में काफी वृद्धि होगी.

लातेहार से शुरू की है जीवन यात्रा

इसी लक्ष्य की पूर्ति के लिए मनीष जीवन यात्रा अभियान में निकले हैं. लातेहार से उन्होंने इस यात्रा का शुभारंभ किया है. उन्होंने बताया कि जीवन यात्रा के दौरान वे झारखंड के सभी जिलों के कम से कम 50 शहरों में जनसंपर्क करेंगे. इन संपर्क के दौरान शहर के विभिन्न संगठनों, संस्थाओं, सामुदायिक समूहों, स्कूल एवं कॉलेजों से जुड़ेंगे. उन्हें कुछ चीज़ें बताएंगे और बहुत कुछ सुनेंगे व समझेंगे. उन्होंने इस कार्य में जन सहयोग की अपील की है.

डीएफओ से मुलाकात की

अपने यात्रा के दौरान मनीष कुमार ने वन प्रमंडल पदाधिकारी रौशन कुमार से मुलाकात की. उन्होंने डीएफओ को अपनी संस्था के उद्देश्यों के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि संस्था वन, जल व प्रकृति संरक्षण के लिए कार्य कर रही है. इस पर डीएफओ काफी प्रभावित हुए. उन्होंने मनीष कुमार एवं उनकी संस्था को हर संभव मदद करने की बात कही. यात्रा के दौरान ही मनीष ने टूरिज्म रिर्सोस पर्सन गोविंद पाठक से भी मुलाकात की. गोविंद पाठक ने भी उनके इस कार्य की प्रशंसा की. इसे भी पढ़ें : गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-loss-seat-there-has-been-a-clash-between-bjp-and-jmm-since-the-formation-of-jharkhand/">गिरिडीह

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