alt="" width="600" height="400" /> इसके अलावा आरइओ रोड, डुरूआ बाजार व अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुहागिनों ने वट वृक्ष की पूजा की और सावित्री- सत्यवान की कथा का श्रवण किया. मनोकामना सिदि्ध हनुमान मंदिर के पुजारी त्रिभवुन पांडेय ने बताया कि इस व्रत का पालन करने से महिलाएं अपने पति के लिए सौभाग्य और समृद्धि लाने में सक्षम होती हैं. महिलाएं वट यानी बरगद की पूजा करती हैं. वट सावित्री व्रत में बरगद के पेड़ का महत्व अतुलनीय है. उन्होंने कहा कि बरगद के पेड़ की पूजा का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बरगद के पेड़ में त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है. पेड़ की जड़ें ब्रह्मा, तना विष्णु और बरगद के पेड़ के ऊपरी हिस्सा भगवान शिव का प्रतिनिधित्व करते हैं और पूरा पेड़ सावित्री माना जाता है. इसे भी पढ़ें: चांडिल">https://lagatar.in/chandil-wild-elephants-broke-the-house-in-nargadih-the-couple-narrowly-escaped/">चांडिल
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