Latehar News: जिले के महुआडांड़ प्रखंड में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के तहत गड़बुढ़नी पंचायत के पहाड़कापू गांव के मतदान केंद्र संख्या् 317 पर 42 मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट से हटाने का आरोप भाजपा कार्यकर्ता पर ग्रामीणों ने लगाया है. ग्रामीणों ने भाजपा कार्यकर्ता राजेंद्र कुमार सोनी पर उनका नाम हटाने के लिए फार्म-7 भर कर जमा करने का आरोप लगाया है.
ग्रामीणों ने बताया कि इन प्रपत्रों में मतदाताओं को “पते पर मौजूद नहीं” अथवा “स्थानांतरित” बताया गया है और मतदाता सूची से नाम हटाने की अनुशंसा की गई है.
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प्रपत्र-7 में जिन 42 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म भरा गया है उनमें अमानुल अंसारी, जलालुद्दीन अंसारी, नसराफून बीबी, शमीमा बीबी, सलीमा खातून, आमिर अंसारी, सकीना बीवी, सजीम मियां, शमीम अंसारी, जहारिन बीबी, सकुनत बीबी, जुनाप मिया, शाहिद अंसारी, साहिबन खातून, जमीर अंसारी, शबाना खातून, तस्लीम अंसारी, अख्तरी खातून, अनवर अंसारी, तैबून बीबी, रहमतुन खातून, तौकीर अंसारी, इम्तियाज अंसारी, इब्राहिम अंसारी, मजीम मियां, मुनेषा बीबी, अमिर अंसारी, जमीर अंसारी, सफूरन बीवी, नूरुल अंसारी, रिजवाना बीबी, इमरान अंसारी, अयूब अंसारी, अजमेरउन बीबी, नगीना बीवी, रजिया खातून, अली हुसैन मियां, सहुल्ला मियां, सनाउल अंसारी, जुलेखा बीवी, रुकायदा खातून और सुहानी खातून शामिल हैं.
मामला सामने आने के बाद शनिवार को अंजुमन कमेटी के सदर हदीस अंसारी की अध्यक्षता में ग्रामीणों ने बैठक की. बैठक में मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता राजेंद्र कुमार सोनी एवं ग्राम प्रधान सह भाजपा बूथ सदस्य जोगेंद्र खेरवार ने एक साजिश के तहत 42 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए प्रपत्र-7 जमा किया है. पांच अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में उनका नाम भी शामिल था. लेकिन चार सितंबर को उन्हें जानकारी मिली कि राजेंद्र कुमार सोनी द्वारा उनका नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए उन्हें “पते पर मौजूद नहीं” बताते हुए प्रपत्र-7 बीएलओ के पास जमा किया गया है.
मुखिया रेणु तिग्गा ने कहा की राजेंद्र कुमार सोनी भाजपा का कार्यकर्ता हैं, जो नाम हटाने के लिए दिया है, सभी मतदाता गांव में रहते हैं. बीएलओ अनीमा खलखो ने बताया कि ग्राम प्रधान एवं भाजपा बूथ सदस्य जोगेंद्र खेरवार द्वारा प्रपत्र-7 के फॉर्म दिए गए थे. ग्राम प्रधान जोगेंद्र खेरवार ने सफाई दी कि राजेंद्र कुमार सोनी ने उनसे कहा था कि ये 42 फॉर्म कार्यालय की ओर से मिले हैं और इन पर हस्ताक्षर कर बीएलओ के पास जमा करना है.
इधर इस मामले में महुआडांड़ अनुमंडल पदाधिकारी सुलेमान मुंडरी ने बताया कि उन्हें मामले की सूचना लोगों के माध्यम से मिली है. उन्होंने कहा कि आवेदन प्राप्त होने और मामले की जांच के बाद ही इस संबंध में स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकता है.
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