- स्टेशन पर दी गयी भावुक विदाई
Latehar : इस्लाम धर्म के सबसे मुकद्दस सफर हज के लिए चार मई की देर शाम टोरी जंक्शन से हज यात्रियों का पहला जत्था रवाना हुआ. हज यात्रियों की रवानगी के दौरान स्टेशन परिसर में भावुक और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला.
इस दौरान लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक की गूंज के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सह पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने हज यात्रियों का स्वागत किया और बधाई दी. परिजनों और शुभचिंतकों ने हज यात्रियों को फूल माला पहनाकर और गले लगाकर विदाई दी.
लोहरदगा निवासी एवं मांडर प्रखंड के कृषि पदाधिकारी समीउल्लाह अंसारी अपनी पत्नी शिक्षिका यास्मीन खातून के साथ हज यात्रा पर रवाना हुए. उनके भाई संवेदक इकबाल हुसैन अंसारी अपनी पत्नी हुमेरा खातून भी इस पवित्र यात्रा में शामिल हुए.
सभी हज यात्री टोरी जंक्शन स्टेशन से गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन के माध्यम से दिल्ली के लिए रवाना हुए, दिल्ली से वे मक्का मुकर्रमा के लिए उड़ान भरेंगे. हज यात्रियों को विदाई देने के लिए टोरी रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे.
इस दौरान लोगों ने यात्रियों से झारखंड, देश की तरक्की, खुशहाली, अमन शांति और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआ करने की अपील की.
इस मौके पर कामता पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने कहा कि हज इस्लाम का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और हर मुसलमान की ख्वाहिश होती है कि उसे अल्लाह के घर की हाजिरी का मौका मिले. यह सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि इंसानियत, भाईचारे, त्याग और आत्मशुद्धि का संदेश देने वाला मुकद्दस सफर है.
मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता सह पंचायत समिति सदस्य अयुब खान, शाहिद रजा, शिक्षक बीगन राम, मोजम्मिल अंसारी, बादशाह खान, मेहंदी हसन, अजमल अंसारी, मोइन अंसारी, जमशेद कुरैशी, राजू अंसारी, टिंकू खान, अफरोज आलम, तजमुल अंसारी, गुड्डू अंसारी, छोटू अंसारी समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे.
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