Latehar : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सोनाल शांति ने कहा कि आज देश का युवा सिस्टम से तंग आ कर आत्महत्या करने को मजबूर है. सिस्टम की इस नाकामी की सबसे दर्दनाक कीमत देश के छात्र अपनी जान देकर चुका रहे हैं.
वर्ष 2022 में देश के कुल सुसाइड केसों में से 7.6 प्रतिशत यानी लगभग 13,000 स्टूडेंट छात्रों के थे. सितंबर 2025 में जारी 2023 की रिपोर्ट में यह आंकड़ा और भी भयावह होकर अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया.
कोटा, त्रिशूर और चेन्नई जैसे प्रमुख कोचिंग सेंटरों में छात्रों की आत्महत्याओं का सिलसिला जारी है. श्री शांति बुधवार को शहर के परिषदन भवन में पत्रकारों से बात कर रहे थे. उन्होने आगे कहा कि कठिन परीक्षाओं में साल 2014 से 2024 के बीच देश में लगभग 89 पेपर लीक के मामले सामने आए, जिसके कारण 48 बार दोबारा परीक्षाएं करानी पड़ीं.
उन्होने कहा कि देश के सिस्टम को बदलना चाहिए. केद्रीय शिक्षा मंत्री को जिम्मेवारी लेते हुए इस्तीफा देना होगा. सरकार को यह गांरटी देनी होगी कि युवा व छात्रों के साथ भविष्य में ऐसा नहीं होगा. अगर ऐसा हुआ तो छात्रों के अभिभावकों को मुआवजा देना होगा. उन्होने कहा कि आज देश ऐसे हाथों में है, जिसे देश के युवाओं की चिंता नहीं है. उन्होने कहा कि एक मार्च 2023 तक केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 9,64,359 पद खाली पड़े थे.
एक जुलाई 2024 तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में भी 84,106 वैकेंसियां थी. नौकरी चाहने वाले आवेदकों की संख्या इस दौरान करोड़ों में पहुंच चुकी है. शांति ने कहा कि कांग्रेस देश के युवा व छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक अभियान चला रही है. कांग्रेस देश मे एक ऐसा सिस्टम लाना चाहती जिसमें युवाओं को नौकरी व छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सके.


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