Latehar : जिले के बालुमाथ प्रखंड में संचालित तेतरियाखांड़ में वर्षों से 12 लाख टन कोयला व कोयला का डस्टख जमा है. सीसीएल द्वारा संचालित तेतरियाखांड़ से इस कोयले को हटाने की मांग ग्रामीण वर्षों से कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से कोयला डंप रहने के कारण उसमें आग लग गया है और आग से निकलने वाले जहरीले धुएं से लोग बीमार हो रहे हैं.
इसे लेकर ग्रामीणों का गुस्सा चरम पर है. शनिवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने कोल डंप साइट में पहुंच कर विरोध प्रदर्शन किया. उन्हों ने अपने हंडिया व डेकची आदि बर्तनों में पानी भर कर आग बुझा कर प्रतीकात्मनक विरोध दर्ज किया. इसका नेतृत्व कर अर्जुन राम व सुरेश उरांव ने कहा कि कोलियरी से ट्रक ऑनर एवं डीओ होल्डर ने वर्षों तक ग्रामीणों को छलने का काम किया है.
ट्रक ऑनर एवं डीओ होल्डरों ने बड़े-बड़े कोयला का परिहवन कर लिया है और छोटे एवं डस्ट कोयला को यहां छोड़ दिया है. आज यहां लगभग 12 लाख टन कोयला जमा हो गया. कोयले में लगी आग के धुंएं से लोग बीमार हो रहे हैं. ग्रामीणों ने इस कोयला व डस्टए को वहां से हटाने की मांग की. इससे पहले एक रैली निकाली गई.
रैली गांव का भ्रमण करते हुए कोल साइट पहुंची. इस मौके पर संतोष यादव, राजेश राम, जगरनाथ यादव, अविनाश राम, किशुन उरांव, बिरशु उरांव, गणेश गंझू, संकर गंझू, मानती देवी, बसंती देवी रूबी देवी लाक्षो देवी समेत कई लोग शामिल थे.
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