Latehar : जिले के बालुमाथ प्रखंड के गेरेंजा ग्राम में कोल ब्लॉक आवंटित करने को लेकर आगामी एक जून को प्रदूषण नियंत्रण परिषद की जनसुनवाई होनी है. इस जनसुनवाई का ग्रामीणों ने विरोध करना शुरू कर दिया है.
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान परमेश्वर गंझू की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की, जिसमें आंदोलन करने का निर्णय लिया गया. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर 20 मई तक जनसुनवाई को रद्द नहीं किया गया तो 25 मई से एनएच 22 (रांची-चतरा) को जाम कर दिया जायेगा.
बैठक में एक स्वर में जल, जंगल व जमीन की रक्षा करने का संकल्प लिया गया और कहा कि जब तक ग्रामीणों की मांगें पूरी नहीं होती है किसी भी सूतर में एक इंंज जमीन कपंनी को नहीं दी जायेगी. चाहे इसके लिए आंदोलन ही क्यों नहीं करना पड़े.
बैठक शंकर उरांव ने कहा कि एनटीपीसी प्रशासन की मिलीभगत से ग्रामीणो की भूमि जबरन अधिग्रहित करना चाहती है. उन्होने बताया कि कंपनी ग्रामीणों पर दवाब की राजनीति कर रही है. यही कारण है कि जनसुनवाई प्रखंड कार्यालय में करायी जा रही है, ताकि ग्रामीण खुल कर अपनी बातों को नहीं रख सकें.
उरांव ने कहा कि ग्रामीण अब किसी भी झांसे में नहीं आने वाले हैं. प्रशासन और कंपनी की गठजोड़ नहीं चलेगी. जब तक ग्रामीणों को कंपनी और प्रशासन के द्वारा ग्रामीणों को नौकरी, बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य, मुआवजा, पुर्नवास और अन्य मांगों की सही- सही जानकारी नहीं दी जायेगी, तब तक जनसुनवाई नहीं होने दी जायेगी.
ग्रामीण पहले यह जानेगी और समझेगी कि उनकी जमीन के बदले उन्हें क्या-क्या लाभ मिलेगा तब जनसुनवाई के बारे में सोचा जायेगा.
बैठक में ग्राम प्रधान परमेश्वर गंझू, शंकर उरांव, रामलाल उरांव, देवनाथ उरांव, कामेश्वर उरांव, भोला गंझू, राजू उरांव, संतोष गंझू, अजय उरांव, कुलेश्वर गंझू, आशा देवी, सरिता देवी, संगीता देवी, राजकुमारी देवी, सालो देवी सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण मौजूद थे.
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