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लातेहार : आरआर पॉलिसी से ग्रामीणों को अवगत नहीं करा रही है एनटीपीसी

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Sunil Kumar Latehar : बनहरदी कोयला उत्खनन परियोजना प्रारंभ करने के लिए कागजी प्रक्रिया जोरों पर है. लेकिन एनटीपीसी के द्वारा विस्थापित रैयतों के लिए बनाई गई पुनर्वास एवं विस्थापन नीति को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है. प्रभावितों का कहना है कि दामोदर वैली कॉरपोरेशन ने काम प्रारंभ करने के पूर्व अपनी सारी नीतियों से प्रभावित गांवों में ग्राम सभा आयोजित कर लोगों को अवगत कराया था, लेकिन एनटीपीसी सिर्फ महंगे रेस्तराओं, बंद कमरों और सर्किट हाउस में बैठकर ही उन्हें लुभाने का काम कर रही है. बताया जाता है कि कुछ वैसे लोगों की टीम एनटीपीसी ने तैयार किया है जो विस्थापित रैयतों को डरा कर, धमका कर जमीन देने को विवश कर सकें. हालांकि इस संदर्भ में एनटीपीसी के अधिकारियों का कहना है कि हमारी संस्था इस तरह की कोई अवैधानिक कार्य नहीं करती है. क्षेत्र में चर्चा है कि एनटीपीसी की ज्वाइंट वेंचर पीवीयूएनएल एवं जेबीवीएनएल भी चाटुकारों से घिरी हुई है. ज्वाइंट वेंचर के किसी भी कर्मियों को क्षेत्र में नहीं देखा जा रहा है. वे सिर्फ शहरों एवं सरकारी कार्यालयों तक ही सीमित हैं. जनता एवं जनप्रतिनिधियों से उनका लगाव नहीं के बराबर है. ग्रामीणों का कहना है कि यही रवैया रहा तो कंपनी को किसी सूरत में जमीन नहीं देंगे, चाहे इसके लिए उन्हें जान क्यों न देनी पड़े. वे अपनी जमीन खेती के लिए बचा कर रखेंगे. कोयला उत्खनन के लिए वह अपनी जमीन नहीं देंगे. इसे भी पढ़ें : वहीदा">https://lagatar.in/waheeda-rehman-received-dadasaheb-phalke-award/">वहीदा

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