नवंबर-दिसंबर में राजधानी रांची में झारखंड के विस्थापित करेंगे प्रदर्शन : बीपी मेहता Hazaribagh : झारखंड विस्थापन नीति और विस्थापित लोगों की समस्याओं के मुद्दे को लेकर वाम दल के सभी सहयोगी 27 जून को राजभवन का घेराव करेंगे. वहीं नवंबर-दिसंबर में राजधानी रांची की सड़कों पर झारखंड के लाखों विस्थापित प्रदर्शन करेंगे. उक्त बातें सीपीआई के वरीय नेता और हजारीबाग के पूर्व सांसद भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने गुरुवार को पत्रकार सम्मेलन में कही. उन्होंने कहा कि जिस तरह से झारखंड में जल, जंगल और जमीन की लूट मची हुई है, उससे आम जनमानस में सरकार के प्रति आक्रोश है. झारखंड के हजारीबाग, चतरा, दुमका, गोड्डा जैसे जिलों में तीन लाख हेक्टेयर भूमि पर अवैध तरीके से कब्जा किया गया है. इसका न तो ग्रामीणों को मुआवजा दिया जाता है और न ही उन्हें विस्थापन नीति के तहत कहीं बसाया जाता है. हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड के गोंदलपुरा गांव के ग्रामीण आज 100 दिन से अधिक समय से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. इस पर अडानी और अंबानी और देश की महारत्न कंपनी एनटीपीसी कुंडली मारकर बैठी हुई. लेकिन ग्रामीणों को न्याय देने के लिए झारखंड और केंद्र सरकार आगे नहीं आयी. केवल केंद्र और झारखंड सरकार दोनों अपनी-अपनी तिजोरी भरने में लगी है. जनता को देखने वाला कोई नहीं है, इसलिए प्रदर्शन ही इनका अंतिम रूप है. इसकी शुरुआत 27 जून को की जाएगी. भू-अर्जन की नीति राज्य सरकार ने न स्पष्ट किया और न ही झारखंड के विकास के लिए अब तक के 23 वर्षों की सरकार ने सोची. विस्थापन नियोजन भू-अर्जन इन नीति को लेकर 27 जून को रांची राजभवन घेराव और सड़कों पर प्रदर्शन के साथ-साथ नवंबर दिसंबर में भव्य महा प्रदर्शन राजधानी रांची में किया जाएगा. इसमें सीपीआई, सीपीएम, माले, जदयू, राजद सहित अन्य वाम दल के सहयोगी पार्टी शिरकत करेंगे. मौके पर जिला सचिव चांद खान, महेंद्र राम, निजाम अंसारी, मजीद अंसारी, शब्बीर अहमद, अनवर हुसैन, सीपीएम के गणेश कुमार सीटू, तपेश्वर राम, ईश्वर महतो, माले के रोहित प्रसाद मेहता सहित अन्य लोग मौजूद थे. इसे भी पढ़ें : अनोखी">https://lagatar.in/unique-initiative-fathers-cremation-ground-got-boring-by-not-doing-shraddha/">अनोखी
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विस्थापन के मुद्दे पर 27 जून को राजभवन घेरेगा वामदल
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