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सहकारी बैंक घोटाले में 2.50 करोड़ घोटाले के मुख्य आरोपी वीके सिंह को 10 साल की सजा

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Ranchi: झारखंड राज्य सहकारी बैंक में 2.50 करोड़ के घोटाले में शामिल मुख्य आरोपी विजय कुमार सिंह को कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई गई है. चाईबासा विजिलेंस कोर्ट ने विजय सिंह को सजा सुनाई है. बता दें कि झारखंड राज्य सहकारिता बैंक के सरायकेला शाखा से हुए 2.50 करोड़ के घोटाले के मुख्य आरोपी विजय कुमार को सरायकेला पुलिस ने बीते 25 अगस्त 2020 गिरफ्तार किया था. पुलिस ने विजय कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. इस घोटाले में तीन लोगों को मुख्य आरोपी बनाया गया है. 2.50 करोड़ के घोटाले की जांच पिछले दिनों CID ने टेकओवर किया था और इसकी जांच कर रही है.

CID कर रही मामले की जांच

बता दें कि पूरे मामले की सीआइडी जांच चल रही है. गौरतलब है कि इससे पहले झारखंड सहकारिता बैंक सरायकेला शाखा में 38 करोड़ घोटाले का खुलासा हुआ था. जिसकी जांच पहले से ही CID के द्वारा की जा रही है. इसमें कई बैंक पदाधिकारियों को अभियुक्त भी बनाया गया है. साथ ही कई की गिरफ्तारी भी हो चुकी है. इसे भी पढ़ें-झारखंड">https://lagatar.in/bjp-going-to-take-big-struggle-jharkhand-own-hands-dilip-saikia/">झारखंड

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तीन लोगों पर प्राथमिकी दर्ज

झारखंड राज्य सहकारिता बैंक सरायकेला में घोटाले का खुलासा मुख्यालय द्वारा गठित जांच कमेटी ने किया था. इस मामले की जांच में पाया गया था कि बैंक अधिकारियों ने निजी स्वार्थ के लिए नियमों को ताक पर रख कर 2.50 करोड़ का लोन एक ही व्यक्ति विजय कुमार सिंह को दे दिया. यह लोन 11 मार्च 2019 को दिया गया था. जिसके बाद अभी तक बैंक को लोन की कोई वापसी नहीं हो पायी. इस मामले को लेकर सरायकेला शाखा प्रबंधक दिनेश चंद्र गगराई ने तीन लोगों को मुख्य आरोपित पाया है. उन्होंने तत्कालीन महाप्रबंधक सुशील कुमार, शाखा प्रबंधक प्रदीप कुमार सामल और लोन लेने वाले विजय कुमार सिंह पर सरायकेला में ही प्राथमिकी दर्ज करायी थी. अधिकारियों ने उस व्यक्ति को लोन दिया जिस पर पहले से ही सरायकेला थाना में गबन के कई मामले दर्ज हैं.

बिना कमेटी की अनुमति के ही जारी कर दिया लोन

सहकारिता बैंक नियमों के अनुसार पांच लाख से अधिक लोन देने के लिए मुख्यालय में क्रेडिट कमेटी का गठन किया गया है. यह किसी भी बड़े लोन को देने से पहले कई चरणों की जांच करती है. साथ ही यह भी बताया जाता है कि आवेदक इस कर्ज को चुका सकेगा या नहीं. यह देखा जाता है कि लोन लेने वाले व्यक्ति पर पहले से कोई मामला है या नहीं. लेकिन अधिकारियों ने बिना इस कमेटी से अनुमति लिए विजय कुमार सिंह को लोन दे दिया था. इसे भी पढ़ें-चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-body-of-50-year-old-man-found-in-old-basti-sanjay-river-ballia-ghat/">चक्रधरपुर

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