आधी आबादी विकास से कोसों दूर
भारत को विश्व गुरू बनाने का संकल्प लेते हैं, लेकिन यह बड़ी विचित्र बात है. आधी आबादी विकास से कोसों दूर है. ऐसे में देश और राज्य का विकास कैसे हो सकता है. आज महिला और पुरूष कंधे से कंधा मिलाकर काम करने की क्षमता रखते हैं, लेकिन महिलाओं की ताकत का रास्ता नहीं निकला. एक हल के दो बैल एक साथ नहीं चलेंगे तो कोई फसल नहीं उग सकता. आज राज्य सरकार ने जो कदम उठाया है, उसकी चर्चा देशभर में हो रही है. पिछले चुनाव में महिलाओं ने कमाल कर दिया. आधी आबादी के हक और अधिकार और उन्हें स्वालंबी बनाने का संकल्प लिया गया था, इसी कड़ी में ये कदम उठाया गया है.भाजपा पर साधा निशाना
सीएम ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि काफी सारे राजनीतिक संगठन महिला सशक्तिकरण पर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं. जब हम महिलाओं को 1000 रुपए दे रहे थे, तो वे मजाक उड़ा रहे थे. कहते थे हम भी 2100 रुपए देंगे. चुनौती देते थे कि कहां से रूपया मिलेगा. हमने भी उनसे पूछा तुम कहां से लाओगे. तब उनके कुछ नेताओं ने कहा कि चुनाव हो जाने दीजिए तब सोचेंगे. ये लोग झूठे वायदे करते हैं, दिग्भ्रमित करते हैं. जब जब चुनाव आता है तो वोट मांगने के लिए स्टार प्रचारक गांव-शहर में पुरुषों से वोट मांगने चले जाते हैं. लेकिन आपलोगों ने चुनाव में हमारी बात मानी.इस पैसे से आप गैस सिलेंडर भी खरीद सकते हैं
सीएम ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कई चीजें तेजी से बदलेंगे. राशन, बिजली फ्री किया गया. धोती-साड़ी से लेकर बच्चों की पढ़ाई लिखाई तक में मदद की जा रही है. इन पैसों से गैस के सिलेंडर भी खरीद सकते हैं. किताब कलम कपड़ा लत्ता भी खरीद सकते हैं. पौष्टिक आहार खरीद कर बच्चों को स्वास्थ्य भी बना सकते हैं. पैसा नहीं रहने के कारण गरीब अनाज और बच्चों की साइकिल तक बेच देते थे. लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं होगी. पैसे का मूल्य महिलाओं से ज्यादा कोई नहीं जान सकता. ईमानदारी से यह व्यवस्था चलेगी तो गरीबी और पिछड़ापन का कालिख मिटने में देर नहीं लगेगी. राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए जनता का साथ जरूरी हा. आजादी के पहले और बाद में कई बड़ी-बड़ी प्रतिष्ठानें लगीं. राज्य का भला नहीं हो पाया. गरीब और गरीब होते चले गए.बैंकों के पदाधिकारियों को बदलना होगा नजरिया
सीएम ने कहा कि बैंकों का भेदभाव सही नहीं है. पढ़ाई के लिए किसानों के लिए लोन नहीं देते हैं. बड़े-बड़े व्यापारियों का साथ देते हैं. उन बैंकों के अफसरों और पदाधिकारियों को अपना नजरिया बदलना होगा. जब इस राज्य की ग्रामीण व्यवस्था मजबूती से खड़ा होगी तो इस राज्य को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता. उन्होंने कहा कि मंईंयां योजना का पैसा कोई भी गलत काम में न लगाएं. अब देश में जो भी महिलाओं को नजरअंदाज करेगा वह सत्ता में वापस नहीं आ सकता. यह सरकार रांची हेडक्वार्टर से नहीं बल्कि गांव देहात से चलने वाली सरकार है।. इसे भी पढ़ें – मंईयां">https://lagatar.in/maiyaan-yojana-cm-transferred-415-crores-to-the-accounts-of-56-lakh-women/">मंईयांयोजना : सीएम ने 56 लाख महिलाओं के खातों में 415 करोड़ की राशि ट्रांसफर की, पहली बार हर खाते में 2500
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