NewDelhi : राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कल शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी के देश के नाम संबोधन को राजनीतिक भाषण करार दिया है. आरोप लगाया कि यह कांग्रेस पर कीचड़ उछालनेवाला सरासर झूठ से भरा भाषण था.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, यह एक हताश और निराश प्रधानमंत्री का राष्ट्र संबोधन था. कहा कि आदर्श आचार संहिता पहले से ही लागू है. यानी यह स्पष्ट था कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने विरोधियों पर हमला करने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कैसे किया. यह लोकतंत्र और भारत के संविधान का घोर अपमान है.
A desperate and frustrated PM @narendramodi with nothing meaningful to show for the last 12 years, turned an official address to the nation, into a political speech, full of mudslinging, and outright LIES. The Model Code of Conduct is already in place and it was very clear how PM…
— Mallikarjun Kharge (@kharge) April 18, 2026
खड़गे के अनुसार प्रधानमंत्री ने कांग्रेस का जिक्र 59 बार किया. महिलाओं का जिक्र कुछ ही बार किया. खड़गे ने कहा कि इससे साफ हो जाता है कि महिलाएं भाजपा की प्राथमिकता नहीं हैं, कांग्रेस है, क्योंकि कांग्रेस इतिहास के सही पक्ष में खड़ी है.
खड़गे ने जोर देकर कहास कांग्रेस ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है. याद दिलाया कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण विधेयक 2010 में राज्यसभा में पारित कराया था ताकि वह निरस्त न हो जाये, लेकिन भाजपा उस विधेयक को लोकसभा में पारित नहीं करा सकी.
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने(मोदी सरकार) 2023 में एक और विधेयक पेश किया. कांग्रेस पार्टी ने उसका समर्थन किया, बताया कि वह विधेयक अभी भी मौजूद है. तंज कसा कि इसे 16 अप्रैल को अधिसूचित किया गया, जब लोकसभा में परिसीमन संबंधी संवैधानिक संशोधन विधेयकों पर चर्चा की जा रही थी.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने हमलावर होते हुए कहा कि भाजपा को अपना विधेयक अधिसूचित कराने में तीन साल लग जाना भारत की नारी शक्ति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है. खड़गे ने कहा. मोदी जी को देश से झूठ बोलना बंद करना चाहिए.
उन्हें 2023 के कानून के तहत मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करना चाहिए. पीएम मोदी को अब महिलाओं को उनका उचित प्रतिनिधित्व देने से इनकार नहीं करना चाहिए. मल्लिकार्जुन खड़गे ने परिसीमन विधेयकों (संविधान संशोधन के तीनों विधेयक) को महिला आरक्षण विधेयक से मिलाने की आलोचना की.
. खड़गे ने कहा कि पीएम को देश से झूठ बोलना बंद करना चाहिए कि यह महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम)में संशोधन था. कहा कि यह पूरी तरह से परिसीमन विधेयक था, जिसे विभाजन पैदा करने और चुनावी मानचित्र को इस तरह से बदलने के लिए लाया गया था. इसे केवल भाजपा को ही फायदा पहुंचाने के लिए लाया गया था. खरगे ने मांग की कि प्रधानमंत्री मोदी को 140 करोड़ भारतीयों से माफी मांगनी चाहिए.
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